Bihar Panchayat Election: बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारी अब तेज हो गई है. माना जा रहा है कि ये चुनाव इस साल नवंबर-दिसंबर के बीच कराए जा सकते हैं. इस बार चुनाव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा. स्टेट इलेक्शन कमीशन बिहार ने इसको लेकर जिलों में तैयारी शुरू कर दी है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DRO) और अपर जिला निर्वाचन पदाधिकारी (ADRO) की नियुक्ति कर दी गई है और सभी जिलों को नई व्यवस्था के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
मशीन को रखने के लिए की जा रही है खास व्यवस्था
चुनाव के लिए हैदराबाद की इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से बड़ी संख्या में मशीनें खरीदी गई हैं. इसमें 32200 कंट्रोल यूनिट और 193200 बैलेट यूनिट शामिल हैं. इसमें खास बात यह है कि एक मल्टी पोस्ट ईवीएम में एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह बैलेट यूनिट जुड़ी होती हैं. मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए भी खास व्यवस्था की जा रही है.
सभी जिलों को कहा गया है कि वेयरहाउस तय करें, जहां सिर्फ ईवीएम ही रखी जाएंगी. कोशिश होगी कि सरकारी भवनों का ही इस्तेमाल किया जाए. अगर जरूरत पड़ी तो आयोग की अनुमति से लीज पर भी गोदाम लिया जा सकता है, जिसकी अवधि कम से कम 15 साल होगी. इसके अलावा, खराब या डिफेक्टिव मशीनों के लिए अलग से जगह बनाने के निर्देश दिए गए हैं. फर्स्ट लेवल चेकिंग के बाद जो मशीनें सही नहीं होंगी, उन्हें अलग रखा जाएगा.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
क्या है खासियत
मल्टी पोस्ट ईवीएम से एक ही समय में छह पदों ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए वोट डाला जा सकेगा. यानी मतदाताओं को अलग-अलग लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
इससे समय की बचत होगी, चुनाव जल्दी खत्म होंगे और खर्च भी कम आएगा. साथ ही वोटिंग और गिनती दोनों ज्यादा आसान और पारदर्शी हो जाएगी. इस बार बिहार के पंचायत चुनाव में नई तकनीक का बड़ा रोल रहने वाला है, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और बेहतर हो सकती है.
इसे भी पढ़ें: बिहार के 3 जिलों में ऑरेंज और 22 जिलों में येलो अलर्ट, IMD ने भारी बारिश और वज्रपात की जारी की चेतावनी
