Bihar: बिहार को मिली एक और फोरलेन की सौगात, औरंगाबाद से पटना जाना होगा आसान

Bihar: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-139 के फोरलेनिंग की घोषणा की. इससे औरंगाबाद, अरवल और पटना के लोगों को लाभ मिलेगा और जाम से मुक्ति मिलेगी.

Bihar: बिहार को बेहद जल्द एक और फोरलेन मिलने वाला है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार के औरंगाबाद, अरवल और पटना जिलों को जोड़ने वाले NH-139 के फोरलेन बनाने की घोषणा की है. गडकरी ने यह घोषणा गया जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में की. इस रूट पर फोरलेन बनने से लाखों लोगों के लिए आवागमन सुगम हो जायेगा, जाम से मुक्ति मिलेगी और पटना जाने में लगने वाले समय भी कम होगा.

155 किलोमीटर की सड़क को फोरलेन बनाया जायेगा

नितिन गडकरी ने गया में बताया था कि मंत्रालय ने NH-139 को फोरलेन बनाने की मंजूरी दे दी है. लगभग साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से 155 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने बताया कि सड़क के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है और जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

Four lane news bihar

दुर्घटनाओं में भी आएगी कमी

पटना-औरंगाबाद रूट पर वाहनों का परिचालन काफी अधिक बढ़ गया है. लोगों को ओबरा, दाउदनगर और अंबा इलाके में जाम से परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लगातार इस रूट पर एक्सीडेंट होने की खबर आती रहती है. हर दूसरे दिन किसी न किसी व्यक्ति की जान जाती है. ऐसे में अगर एनएच फोरलेन में तब्दील हो जाता है तो आम लोगों को सहूलियत के साथ-साथ दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी.

घोषणा होने के बाद लोगों का कहना है कि पटना- औरंगाबाद हाईवे के फोरलेन होने पर सबसे अधिक फायदा व्यवसायियों, नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को होगा. रोजगार के अवसरों में पंख लगेंगे. औरंगाबाद से पटना जाने में यात्रियों को चार से पांच घंटे लग जाते हैं, जबकि अपने निजी वाहनों से लगभग साढे तीन घंटे लगते हैं. जाम लगने की स्थिति में तो छह से सात घंटे तक लग जाते हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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