बिहार में चलने वाला वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम है क्या और लोगों को क्या मिलेगा फायदा?

Bihar News: बिहार में 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' चलाए जाने की योजना तैयार की गई है. यह प्रोग्राम राज्य के उन जिलों में चलाया जाएगा, जो कि नेपाल की सीमा से सटे हुए हैं. आखिर यह प्रोग्राम है क्या और इसका उद्देश्य क्या है, आइए जानते हैं.

Bihar News: बिहार के नेपाल से सटे जिलों में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ चलाया जाएगा. बिहार पुलिस सप्ताह के दौरान सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय स्थापित कर एक साथ इस प्रोग्राम को चलाया जाएगा. इसका उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत करना और पुलिस जन सहयोग को नई दिशा देना है. यह जानकारी बिहार पुलिस के एडीजी (बजट अपील एवं कल्याण) कमल किशोर सिंह ने दी.

एडीजी कमल किशोर सिंह ने क्या बताया?

कमल किशोर सिंह ने कहा कि इस पहल के तहत बिहार पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय समाज मिलकर सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम चलायेंगे ताकि सीमा इलाके में भरोसा और सतर्कता दोनों बढ़े. एडीजी कमल किशोर सिंह ने बताया कि इस साल 22 से 27 फरवरी तक मनाए जा रहे पुलिस सप्ताह में स्वच्छता पर विशेष जोर रहेगा. सभी थाना, ओपी और पुलिस प्रतिष्ठानों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा.

साथ ही हर जिले में पुलिस अधीक्षक स्तर से तीन सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ थाना और ओपी को पुरस्कृत किया जाएगा. लावारिस गाड़ियों और वेयरहाउस के निष्पादन में तेजी लाई जाएगी. पुलिस सप्ताह के दौरान मुख्यालय समेत सभी जिलों में पुलिस-पब्लिक संवाद, लोगों के बीच जागरूकता अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी.

ये सभी योजनाएं होंगी शामिल

सीमावर्ती इलाकों के पूरी तरह से विकास के लिए केंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम लागू किया है, जिसका उद्देश्य सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार, सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देना है.

यह योजना केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ ले 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता के साथ संचालित की जा रही हैं. वायब्रेंट विलेजज-2 में लगभग 6,900 करोड़ रुपए के खर्च से 17 राज्यों के 334 ब्लॉक्स के 1954 गांव शामिल हैं. इस तरह से बिहार के सीमावर्ती जिलों के लिए खास योजना बनाई गई है.

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Published by: Preeti Dayal

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