Bihar News: बिहार में खेती-किसानी में तकनीक का इस्तेमाल करने में सीवान सबसे आगे और दूसरे नंबर पर सारण जिला है. इसके बाद पश्चिमी चंपारण, नालंदा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली जिले में भी बड़ी संख्या में किसान हाईटेक हो गए हैं. इन जिलों के बाद पूर्वी चंपारण, रोहतास, दरभंगा, मधुबनी, गयाजी और बेगूसराय जिले के किसान भी तकनीक का इस्तेमाल कर खेतीबाड़ी कर रहे हैं.
शेखपुरा, अरवल, लखीसराय और मुंगेर के किसान अभी कम संख्या में हाईटेक हुए हैं. इसके लिए किसानों ने मोबाइल में बिहार कृषि ऐप डाउनलोड कर रखा है. मोबाइल के जरिए मिली सूचनाओं से वे हाईटेक तरीके से खेती कर रहे हैं.
बाजार भाव से लेकर सरकार की योजनाओं पर रख रहे निगाह
कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इन जिलों के किसान बिहार कृषि ऐप के जरिए फसलों के रेट की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर रहे हैं. नजदीकी बाजारों में फसलों के भाव का डिटेल देख रहे हैं. शिकायत भी ऑनलाइन ही दर्ज करा रहे हैं. खेती के लिए जरूरी तापमान, वर्षा, हवा की स्पीड की जानकारी खुद से प्राप्त कर रहे हैं. सरकार की नई योजनाओं और कार्य प्रणाली के बारे में तत्काल सूचना प्राप्त कर रहे हैं.
8 लाख ने कराया है रजिस्ट्रेशन
27 जनवरी तक टोटल आठ लाख 83 हजार 27 किसानों ने इस ऐप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. साथ ही ऑनलाइन गतिविधियां की हैं. इसके माध्यम से किसानों ने मंडी की जगह, कोल्ड स्टोरेज प्लांट, कृषि विज्ञान केंद्र, सरकारी विभागों और अधिकारियों की संपर्क की जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं. फसलों में कीट लगने से बचाव की जानकारी भी ऑनलाइन ले रहे हैं.
किस जिले में कितने किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
सीवान में 46,687, सारण में 38,840, पश्चिमी चंपारण में 36,637, नालंदा में 34,252, मुजफ्फरपुर में 33,544, समस्तीपुर में 32,457 और वैशाली में 31,530 किसान बिहार कृषि एप का उपयोग कर रहे हैं. पूर्वी चंपारण में 30,982, रोहतास में 29,404 जबकि दरभंगा में 28,235, मधुबनी 25,800, गयाजी में 26, 124 और बेगूसराय में 26,962 किसान हाईटेक हो गए हैं. जबकि शेखपुरा में 4,528, अरवल में 9,345, लखीसराय में 10,784 और मुंगेर 11,001 किसान ही बिहार कृषि एप में रजिस्ट्रेशन कराया है.
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