Bihar Land Mutation Bill: बिहार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है. इसके लागू होने के बाद दाखिल-खारिज की हर नई याचिका, अपील और रिवीजन आवेदन पर 200 रुपये का शुल्क देना होगा. यानी अब जमीन के म्यूटेशन से जुड़े हर आवेदन पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा.
स्टाम्प शुल्क के अलावा लगेगा नया चार्ज
अभी तक दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों में कोर्ट फीस के रूप में स्टाम्प शुल्क लिया जाता था. नए विधेयक में इसके अलावा 200 रुपये का अलग शुल्क जोड़ने का प्रस्ताव है. यह राशि सीधे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के खाते में जमा होगी. सरकार को भविष्य में जरूरत के अनुसार इस शुल्क को बढ़ाने या घटाने का अधिकार भी होगा.
कृषि जमीन के इस्तेमाल में मिलेगी राहत
सरकार ने बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश किया है. इसके लागू होने के बाद खेती की जमीन का उपयोग दुकान, उद्योग, फैक्ट्री या दूसरे गैर-कृषि कामों के लिए करने पर अलग से सम्परिवर्तन शुल्क नहीं देना होगा. इससे जमीन मालिकों को आर्थिक राहत मिलेगी और सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी कम लगेंगे.
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सरकार के लिए भी आसान होगी प्रक्रिया
अब तक सरकार को भी अधिग्रहित जमीन का गैर-कृषि उपयोग करने से पहले कई औपचारिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था. नया कानून लागू होने के बाद यह प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी और विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम हो सकेगा.
दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि नया विधेयक कानून बनने के बाद वर्ष 2010 का मौजूदा अधिनियम निरस्त हो जाएगा. पुराने कानून की वजह से उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने में कई दिक्कतें आ रही थीं. इसी कारण सरकार इसे खत्म कर नया प्रावधान ला रही है.
दोनों सदनों से मंजूरी के बाद लागू होंगे नए नियम
फिलहाल दोनों विधेयक विधानसभा में पेश किए गए हैं. अब इन्हें विधानसभा और विधान परिषद से पारित होना होगा. इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर ये कानून बन जाएंगे और पूरे बिहार में नए नियम लागू हो जाएंगे.
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