बिहटा-सरमेरा एनएच-131जी पर तीन फीट सड़क धंसी, एक किमी तक ट्रकों की लगी कतार

बाढ़ के पानी के दबाव से बिहटा-सरमेरा NH131G की सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया. ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़े हादसे को टाल दिया गया. NHAI की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू किया.

Road caved in : मसौढ़ी में बाढ़ के पानी के दबाव ने बिहटा-सरमेरा एनएच-131जी की स्थिति की पोल खोल दी. शनिवार दोपहर पुनपुन के नेवां के समीप अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया. देखते ही देखते सड़क पर करीब तीन फीट गहरा और पांच से सात फीट चौड़ा गड्ढा बन गया. जिस समय सड़क धंसी, उस वक्त वहां से वाहनों की आवाजाही जारी थी. गनीमत रही कि आसपास के ग्रामीणों की नजर समय रहते गड्ढे पर पड़ गयी और उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर वाहनों को रोक दिया. ग्रामीणों की तत्परता नहीं होती तो तेज रफ्तार वाहन सीधे गड्ढे में गिर सकते थे और बड़ा हादसा हो सकता था.

ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा, देर से पहुंची टीम

सड़क धंसने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को दी. महत्वपूर्ण एनएच पर सड़क धंसने के बावजूद एनएचएआई की टीम काफी देर बाद मौके पर पहुंची. तब तक ग्रामीण खुद सड़क पर खड़े होकर वाहनों को नियंत्रित करते रहे और चालकों को खतरे से आगाह करते रहे.

इधर, मसौढ़ी एसडीओ धनराज कुमार के हस्तक्षेप के बाद एनएचएआई हरकत में आया. एसडीओ के निर्देश पर सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराया गया. गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कर वाहनों को क्षतिग्रस्त हिस्से के बगल से सावधानीपूर्वक निकाला गया.

एक किलोमीटर तक लगी ट्रकों की कतार

सड़क धंसने से यातायात भी प्रभावित हुआ. फोरलेन की एक लेन प्रभावित होने के कारण करीब एक किलोमीटर तक ट्रकों की लंबी कतार लग गयी. वाहनों को दूसरी लेन से या क्षतिग्रस्त हिस्से के बगल से सावधानीपूर्वक निकाला गया. इस दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही और काफी देर तक वाहन रेंगते रहे. बाद में धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ.

पानी के रिसाव से कमजोर हुआ सड़क का बेस

लगातार पानी जमा रहने और सड़क किनारे की मिट्टी में पानी के रिसाव से सड़क का बेस कमजोर होने की बात सामने आ रही है. इसी वजह से सड़क का हिस्सा अचानक धंस गया. एनएच-131जी जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर इस तरह सड़क धंसने की घटना ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही होती है.

ग्रामीणों की तत्परता से बची कई जानें

सड़क पर अचानक तीन फीट गहरा गड्ढा बनने के बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए मोर्चा संभाल लिया. उन्होंने वाहनों को रोककर हादसा होने से बचाया. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते धंसे हिस्से को सुरक्षित नहीं किया जाता तो तेज रफ्तार वाहन गड्ढे में गिर सकते थे और गंभीर हादसा हो सकता था.

सोमवार तक मरम्मत पूरी होने का दावा

एनएच के प्रोजेक्ट मैनेजर कृष्ण मुरारी ने बताया कि सड़क के किनारे पानी के दबाव और ह्यूम पाइप में रिसाव के कारण गड्ढा बना है. उन्होंने बताया कि प्रभावित हिस्से को सोमवार तक दुरुस्त कर लिया जाएगा. फिलहाल फोरलेन पर आवागमन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है. प्रभावित लेन के किनारे से वाहनों को सावधानीपूर्वक निकाला जा रहा है.

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By अजय कुमार

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