हरा गमछा पर फिर बोले सीएम सम्राट, आरजेडी बोली- कानून व्यवस्था पर ध्यान दे सरकार

Bihar Green Gamcha Row: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर आरजेडी के नेता सवाल उठा रहे हैं. मुजफ्फरपुर में दिए गए नए बयान के बाद विवाद फिर तेज हो गया है और सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं.

Bihar Green Gamcha Row: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हरा गमछा वाले बयान को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्यमंत्री लगातार अपने भाषणों में हरे गमछे का जिक्र कर रहे हैं. विपक्ष इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है. राष्ट्रीय जनता दल के साथ-साथ जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दे चुके हैं. मंगलवार को मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री के नए बयान के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया.

मुजफ्फरपुर में सम्राट चौधरी ने क्या कहा?

मुजफ्फरपुर जिले के गोसाईपुर में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आजकल बिहार में हरे गमछे की काफी चर्चा हो रही है. उन्होंने कहा कि हरा रंग हरियाली, शांति और सकारात्मक सोच का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जो लोग कानून तोड़ेंगे और गुंडागर्दी करेंगे, उनका स्थान जेल में ही होगा. उन्होंने कहा कि हरियाली और शांति की जगह अगर कोई अपराध का रास्ता अपनाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

एआई समिट के बयान से शुरू हुआ विवाद

इस पूरे विवाद की शुरुआत पिछले महीने पटना में आयोजित एआई समिट से हुई थी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि राजधानी पटना में हजारों सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और अगर एआई से कहा जाए कि हरा गमछा पहनने वालों को खोजो तो वह तुरंत पहचान कर बता देगा. मुख्यमंत्री का यह बयान मजाकिया अंदाज में दिया गया था, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे आरजेडी पर तंज के रूप में देखा गया.

आरजेडी ने जताई कड़ी आपत्ति

मुख्यमंत्री के बयान के बाद आरजेडी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए विरोध दर्ज कराया था. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि किसी व्यक्ति या समूह को उसके पहनावे और रंग के आधार पर निशाना बनाना ठीक नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान समाज में विभाजन की भावना पैदा करते हैं. तेजस्वी ने कहा था कि किसी भी रंग के गमछे को राजनीति से जोड़ना गलत है और इससे सरकार की मानसिकता झलकती है.

सोशल मीडिया पर आरजेडी ने बोला हमला

मंगलवार को मुख्यमंत्री के नए बयान के बाद आरजेडी ने सोशल मीडिया के जरिए भी पलटवार किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में बढ़ते अपराधों पर ध्यान देने के बजाय सरकार हरा गमछा जैसे मुद्दों को चर्चा में ला रही है. पार्टी ने कहा कि सरकार को कानून-व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि कई जिलों में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

प्रशांत किशोर भी कर चुके हैं टिप्पणी

जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी इस विवाद में अपनी राय रख चुके हैं. उन्होंने कहा था कि सरकार को शिक्षा, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर बात करनी चाहिए. प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया था कि जनता से जुड़े बड़े सवालों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: अनिल अग्रवाल के ठिकानों पर रेड, वेदांता ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं, मनोज झा ने सरकार पर उठाए सवाल

जेडीयू का MLC उम्मीदवार कौन, डेढ़ घंटे की बैठक के बाद बढ़ा सस्पेंस, जल्द खुल सकता राज

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >