Bihar Government: बिहार में विधायकों को मिलने वाले फंड को लेकर जरूरी खबर है. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत बिना टेंडर विकास कार्यों के लिए विधायकों के खर्च राशि की सीमा पहले से बढ़ सकती है. इसे 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये तक की जा सकती है. इस पर विचार किया जाएगा. यह जानकारी योजना एवं विकास विभाग के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र की पहली पाली में दी.
सदन में क्या-क्या हुआ?
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा सात विधानसभा सदस्यों के ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब दे रहे थे. ध्यानाकर्षण सूचना देने वालों में कुम्हरार के विधायक संजय कुमार गुप्ता, प्रकाश चंद्र, अरुण कुमार, आलोक कुमार सिंह, अरुण मांझी, रत्नेश कुमार और अमित कुमार शामिल रहे.
ध्यानाकर्षण सूचना में कहा गया था कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 2026 के नियमावली में सभी तरह का विकास कार्य करने का प्रावधान है. राज्य में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में कई अति महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल नहीं किया गया है.
सदन में यह भी हुई चर्चा?
सदन की कार्यवाही के दौरान यह भी चर्चा किया गया कि निर्माण सामग्री महंगी हो गई है. ऐसी स्थिति में विधायक फंड की राशि 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये कर देना चाहिए. इसके अलावा सोलर स्ट्रीट, एम्बुलें, सीसीटीवी समेत अन्य की अनुशंसा का अधिकार भी मांगा.
प्रस्तावों पर किया जाएगा विचार
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि सीसीटीवी लगाने का अधिकार नहीं दिया जा सकता. साथ ही विधायक निधि का कोटा बढ़ाने का निर्णय सरकार और वित्त विभाग ले सकता है. उन्होंने कहा कि सभी प्रस्तावों पर विचार किया जायेगा. इस दौरान आसन से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मंत्री से कहा कि विधायक निधि की सीमा और सुविधा बढ़ाकर सांसद निधि के बराबर करने की समीक्षा कर लीजिए. इस पर मंत्री ने अपनी सहमति जताई.
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