Bihar Government: बिहार में सीओ, रेवेन्यू ऑफिसर और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बीच सरकार ने आम लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के इस कदम से जमीन से जुड़े जरूरी काम नहीं रुकेंगे और उन्हें दिक्कत नहीं होगी. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने बताया कि हड़ताल के बावजूद विभाग के काम सुचारु रूप से चलते रहें, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है.
क्या बदलाव हुआ है
नई व्यवस्था के तहत जहां के राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर हैं, वहां उनके काम पंचायत सचिवों को सौंप दिए गए हैं. वहीं जिन जगहों पर सीओ और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल में शामिल हैं, वहां उनकी जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारियों यानी बीडीओ को दी गई है. इससे जमीन से जुड़े जरूरी काम समय पर पूरे किए जा सकेंगे.
डिप्टी सीएम ने बताया कि मार्च का महीना जमीन से जुड़े कामों के लिए महत्वपूर्ण होता है. इस समय बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं. इसी वजह से विभाग ने पहले ही सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि किसी तरह की रुकावट न आए.
खास डिजिटल मॉड्यूल भी तैयार
इन कामों को आसान बनाने के लिए विभाग ने खास डिजिटल मॉड्यूल भी तैयार किया है. इसे सभी डीएम को उपलब्ध कराया गया है. इसमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी की प्रक्रिया को डिटेल से समझाया गया है, ताकि नए जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी और कर्मचारी बिना परेशानी के काम कर सकें.
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सरकार ने क्या दावा किया
यह मॉड्यूल दो तरह से दिया गया है. एक वीडियो के रूप में, जिसमें पूरा प्रोसेस फेज वाइज तरीके से दिखाया गया है. दूसरा लिखित निर्देशों के रूप में है. पूरी व्यवस्था की निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है और डीएम को भी अपने-अपने जिलों में इसे ठीक से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने दावा किया है कि हड़ताल की स्थिति में भी जनता के जमीन से जुड़े काम बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे.
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