Bihar Flood Alert : पटना से महज 15 किलोमीटर दूर ग्रामीण इलाकों में बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई गांवों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है और ग्रामीणों को आने-जाने के लिए गर्दन तक पानी में उतरना पड़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि लोगों के सामने पीने के साफ पानी का संकट भी खड़ा हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें बाढ़ के पानी से होकर बाहर निकलना पड़ रहा है.
घर डूबे, सड़क बनी सहारा
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के मुताबिक, कई घरों में पानी भर जाने के बाद लोगों ने सड़क और ऊंचे स्थानों पर मवेशियों को बांधना शुरू कर दिया है. घरों के अंदर पानी होने के कारण रहने की जगह तक नहीं बची है. कुछ परिवार चौकी और छतों पर रात गुजारने को मजबूर हैं. मवेशियों को बचाने की चिंता भी लोगों के सामने बनी हुई है.
पीने के पानी का बड़ा संकट
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी चारों तरफ फैल गया है और जलस्रोत भी प्रभावित हैं. ऐसे में पीने के साफ पानी की उपलब्धता बड़ी समस्या बन गई है. एक ग्रामीण ने बताया कि मजबूरी में लोग स्थानीय नदी का पानी पी रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक उनके लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था नहीं की गयी है.
राशन लाने के लिए गर्दन तक पानी में सफर
बाढ़ के बावजूद लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें खत्म नहीं हुई हैं. राशन और सब्जी लाने के लिए ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि काम करने वाले लोगों के लिए घर से निकलना जरूरी है, क्योंकि परिवार का पेट चलाने के लिए काम भी करना है और खाने-पीने का सामान भी लाना है. वीडियो में देखिए ग्राउंड रिपोर्ट, कैसे लोग अपनी जिंदगी काट रहे हैं.
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