Bihar News: बिहार की बिजली कंपनियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी ताजा रेटिंग में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) ने देश की शीर्ष सरकारी डिस्कॉम कंपनियों में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. यह पहली बार है जब राज्य की किसी बिजली कंपनी ने इस स्तर पर इतना प्रभावशाली प्रदर्शन किया है.
कंज्यूमर सर्विस में मिला ‘ए’ रेटिंग का तमगा
विद्युत मंत्रालय और आरईसी लिमिटेड की ओर से जारी उपभोक्ता सेवा रेटिंग (CSRD) में NBPDCL को प्रतिष्ठित ‘ए’ ग्रेड दिया गया है. यह रेटिंग कंपनी की बेहतर सेवा गुणवत्ता को दर्शाती है, जिसमें बिजली आपूर्ति की निरंतरता, सटीक बिलिंग और उपभोक्ताओं की शिकायतों का तेजी से निपटारा शामिल है.
टॉप-5 में NBPDCL, SBPDCL भी पीछे नहीं
डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी रैंकिंग (DUR) में NBPDCL ने देशभर की सरकारी बिजली कंपनियों में टॉप-5 में स्थान हासिल किया है. वहीं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (SBPDCL) ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 13वां स्थान पाया है. इस मूल्यांकन में देश की 66 बिजली वितरण कंपनियों के वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन को आधार बनाया गया.
स्मार्ट मीटर और टेक्नोलॉजी ने बदली तस्वीर
NBPDCL के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार के अनुसार, इस उपलब्धि के पीछे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों का तेजी से विस्तार और आधुनिक तकनीकी निगरानी बड़ी वजह रही है. बिलिंग और कलेक्शन सिस्टम में सुधार से कंपनी की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी हुई है. वहीं SBPDCL के एमडी महेंद्र कुमार का कहना है कि नई तकनीकों को अपनाने से आने वाले समय में उपभोक्ताओं को और बेहतर सेवाएं मिलेंगी.
सरकार ने बताया उपभोक्ता-केंद्रित नीति की जीत
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस सफलता को राज्य सरकार की उपभोक्ता हितों पर केंद्रित नीतियों का परिणाम बताया है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद सेवा देना है. ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कहा कि लगातार सुधार और प्रभावी क्रियान्वयन से ही यह मुकाम हासिल हुआ है.
डिजिटलीकरण से घटा नुकसान, बढ़ी दक्षता
पिछले कुछ वर्षों में बिहार की बिजली कंपनियों ने लाइन लॉस कम करने, बिजली चोरी पर नियंत्रण और सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया है. बेहतर बिलिंग और कलेक्शन सिस्टम के चलते कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और यही वजह है कि अब वे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं.
