Bihar ECO Tourism: बिहार में पर्यटन को बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सरकार अब बड़ा कदम उठा रही है. इसी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के 1 अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में एक अहम बैठक की. इस बैठक में अधिकारियों के साथ मिलकर इको टूरिज्म को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर विस्तार से चर्चा हुई.
अधिकारियों ने पेश किया पूरा प्लान
बैठक के दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर और जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अपने-अपने विभाग की योजनाएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं. उन्होंने बताया कि किस तरह प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाए बिना सुंदर पर्यटन स्थल तैयार किए जा सकते हैं और इसके लिए क्या तैयारी की गई है.
जलाशयों के आसपास विकसित होंगे पर्यटन स्थल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि राज्य के सभी बड़े जलाशयों, तालाबों और झीलों के आसपास पीपीपी मॉडल के तहत इको टूरिज्म विकसित किया जाए. उन्होंने कहा कि इन जगहों पर पर्यटकों के लिए रहने, खाने और घूमने की अच्छी और आधुनिक सुविधा होनी चाहिए. साथ ही यह भी कहा कि योजना शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों से बात की जाए और उनके सुझावों को भी शामिल किया जाए.
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पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनेगा खास पैकेज
सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक खास पर्यटन पैकेज तैयार करने जा रही है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसे जल्द तैयार करने को कहा. उनका मानना है कि बेहतर सुविधाएं और अच्छे पैकेज मिलने पर ज्यादा लोग बिहार घूमने आएंगे. इससे स्थानीय दुकानदारों, गाइड और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधा फायदा होगा और रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे.
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सभी जलाशयों और तालाबों के आसपास बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाए. वेटलैंड क्षेत्रों को भी व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि वहां हरियाली बढ़े और पर्यावरण बेहतर हो. इससे जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी और राज्य का हरित क्षेत्र बढ़ेगा.
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