Census 2027: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जनगणना 2027 को सफलता बनाने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पटना में आयोजित एक स्पेशल ट्रेनिंग सेशन में राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह कार्य पूरी टीम भावना और सटीकता के साथ किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनगणना के आंकड़ों का सही होना बेहद जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि इसी पर भविष्य की नीतियां निर्भर करती हैं.
पहली बार डिजिटल अवतार में जनगणना
इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि देश और राज्य की यह पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी. पूरी प्रक्रिया को मोबाइल ऐप और सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CMMS) के जरिए संचालित किया जाएगा. इससे न केवल डेटा इकट्ठा करने की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि यह पहले से अधिक पारदर्शी होगी.
क्या है पूरा शेड्यूल?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने बताया कि जनगणना की अधिसूचना जारी हो चुकी है. कार्यक्रम दो चरणों में होगा. 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक नागरिक मोबाइल ऐप के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे. 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर फिजिकल सर्वे करेंगे. इस सर्वे के दौरान मकान, परिवार की बुनियादी सुविधाओं और घरेलू इलेक्ट्रिक सामान से जुड़े 33 प्रकार सवाल पूछे जाएंगे.
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अधिकारियों को दिलाया गया संकल्प
सम्मेलन में सभी कमिश्नर, डीएम और सिटी कमिश्नर को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को समय पर पूरा करने का संकल्प दिलाया गया. इस दौरान फील्ड में आने वाली चुनौतियों, अंतर-एजेंसी कोर्डिनेशन और जन-जागरूकता जैसे विषयों पर भी बात हुई.
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