परिमार्जन और दाखिल-खारिज पर सरकार का बड़ा कदम, निपटारे के लिए 26 जनवरी से महाअभियान

Bihar Bhumi: बिहार सरकार 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक राजस्व मामलों के निपटारे के लिए महाअभियान चलाने जा रही है. इसके तहत परिमार्जन और दाखिल-खारिज से संबंधित 46 लाख आवेदनों का पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर निपटारा किया जाएगा. इस पहल से भूमि विवादों में कमी आएगी और रैयतों के डॉक्यूमेंट अपडेट होंगे.

Bihar Bhumi: राजस्व महाअभियान 2025 के दौरान मिले परिमार्जन प्लस और दाखिल-खारिज से संबंधित लगभग 46 लाख आवेदनों के निपटारे के लिए 26 जनवरी से अभियान चलेगा. शिविरों में मौके पर ही सुनवायी, डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन और आदेश पारित करने की व्यवस्था रहेगी. इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को 26 जनवरी से 31 मार्च, 2026 के बीच सभी आवेदनों का निपटारा करने का आदेश दिया है. इस दौरान भूमि मापी अभियान समानांतर रूप से चलेगा, जिसके लिए अमीनों की सेवाएं ली जायेंगी.

विजय सिन्हा ने क्या आदेश दिया

राजस्व महाअभियान का आयोजन पंचायतों में शिविर लगाकर 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 के बीच किया गया था. इस दौरान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण के आवेदन आये. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समृद्धि यात्रा के क्रम में बंटवारा नामांतरण को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है.

सभी आवेदनों की इंट्री अनिवार्य

जारी पत्र में प्रधान सचिव सीके अनिल ने निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की जिलावार, अंचलवार और हल्कावार ऑनलाइन इंट्री अनिवार्य होगी. परिमार्जन से जुड़े लगभग 40 लाख मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जायेगा. आवेदनों को अविवादित और विवादित श्रेणियों में विभाजित किया गया है. अविवादित मामलों का निष्पादन जिला मुख्यालय स्तर पर किया जायेगा, जबकि विवादित मामलों के लिए पंचायत भवनों में राजस्व सेवा शिविर आयोजित किये जायेंगे.

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क्या कहते हैं उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में पिछले वर्ष अगस्त–सितंबर में राजस्व महाअभियान के दौरान शिविर लगाकर किसानों से लिये गये आवेदनों का निष्पादन जरूरी है. इन शिविरों में प्राप्त कुल 46 लाख आवेदनों में 40 लाख आवेदन परिमार्जन से संबंधित हैं. इससे रैयतों का अभिलेख अपडेट होगा और उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलने के साथ ही विभाग को भूमि सर्वेक्षण में भी आसानी होगी. इसके साथ-साथ मापी अभियान भी चलता रहेगा.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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