बिहार में सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी पूरी, इस महीने नई सरकार ले सकती है फैसला

Bihar Bhumi: बिहार में सर्किल रेट बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली गई है. अप्रैल महीने में नई कैबिनेट के सामने प्रस्ताव पेश किया जा सकता है. अब नई सरकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने का फैसला लेगी. निबंधन विभाग की ओर से कैबिनेट नोट लगभग तैयार कर लिया गया है.

Bihar Bhumi: जमीन के सौदे में पारदर्शिता लाने और राजस्व चोरी पर रोक लगाने के लिए सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी की गई है. निबंधन विभाग ने इसके लिए कैबिनेट नोट लगभग तैयार कर लिया है. प्रस्ताव की माने तो, राज्य के कई शहरों में सर्किल रेट को बाजार मूल्य के करीब लाते हुए 80 से 400 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना है.

इतने प्रतिशत होगी बढ़ोतरी

हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के कारण फिलहाल यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश नहीं हो सका है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, अब इसे अप्रैल महीने में कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जाने की संभावना है. प्रस्ताव के अनुसार, जहां बाजार रेट और सर्किल रेट में कम अंतर है, वहां लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जायेगी. जबकि जिन इलाकों में अंतर बहुत अधिक है, वहां दरों को बाजार मूल्य के करीब लाने के लिए 400 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है.

इस वजह से नहीं बढ़ पाया था सर्किल रेट

मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रस्ताव पहले ही कैबिनेट के लिए तैयार था. लेकिन राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया. संभावना है कि नई सरकार के गठन के बाद होने वाली कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी के लिए रखा जाएगा. सरकार का उद्देश्य जमीन के सर्किल रेट को वास्तविक बाजार मूल्य के अधिकतम करीब लाना है.

फिलहाल कई शहरों में जमीन के सौदे सर्किल रेट से 300 से 500 प्रतिशत अधिक कीमत पर हो रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर राजस्व की हानि हो रही है. विभाग का अनुमान है कि अगर प्रस्तावित दरें लागू होती हैं तो राज्य को मिलने वाला वार्षिक राजस्व 7600 करोड़ से बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.

इन जिलों में कराया गया जमीन का सर्वे

निबंधन विभाग ने पटना, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया और सारण सहित सभी प्रमंडल मुख्यालयों और 24 से ज्यादा जिला मुख्यालयों में जमीन की वास्तविक कीमत का सर्वे कराया था. रिपोर्ट में पाया गया कि प्रमुख बाजारों, पॉश कॉलोनियों और मुख्य सड़कों के किनारे की जमीन की वास्तविक कीमत और सर्किल रेट में बड़ा अंतर मिला.

उदाहरण के तौर पर पटना के बोरिंग कैनाल रोड जैसे इलाकों में सर्किल रेट अभी करीब 30 लाख रुपए प्रति डिसिमल है, जबकि वास्तविक सौदे कई गुना अधिक कीमत पर हो रहे हैं. इसी तरह कई जिलों में भी जमीन के सौदे सरकारी रेट की तुलना में कई गुना महंगे पाए गए हैं.

ऐसे तय किए जाते हैं नए सर्किल रेट

सर्किल रेट में संशोधन की प्रक्रिया कई प्रशासनिक चरणों से गुजरती है. पहले जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर बाजार दर का आकलन किया जाता है. इसके बाद जिला मूल्यांकन समिति प्रस्ताव तैयार करती है और आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव लिए जाते हैं. अंतिम प्रस्ताव राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा जाता है, जहां समीक्षा के बाद कैबिनेट नोट तैयार किया जाता है.

Also Read: अगले 24 घंटे में बिहार के 9 जिलों में होगी तेज बारिश, ठनका और आंधी चलने की भी संभावना

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >