Bihar Bhumi: बिहार के अंचलाधिकारियों को एक बार फिर आदेश जारी कर दिया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने 537 अंचलाधिकारियों के साथ बैठक की. इसी बैठक में प्रधान सचिव ने राजस्व कार्यों में ढिलाई पर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही. साथ ही भू-लगान वसूली, दाखिल खारिज, परिमार्जन प्लस और ई-मापी के मामलों की समीक्षा कर सभी का निष्पादन तय समय पर करने का निर्देश दिया.
प्रधान सचिव ने और क्या-क्या कहा?
प्रधान सचिव ने लगान वसूली में अच्छा करने वाले अंचलाधिकारियों की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य निष्पादन के उद्देश्य से अंचल कार्यालयों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के मद में राशि उपलब्ध कराई गई है. सभी अंचलाधिकारियों को इसके उपयोग का निर्देश दिया. जानकारी के मुताबिक, राजस्व प्रशासन को और ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल डायरी की व्यवस्था लागू की जा रही है.
यह डायरी राजस्व कर्मचारियों और अमीनों दोनों के लिए होगी, जिसमें उनकी तरफ से हर रोज किए जाने वाले कार्यों के पूरे डिटेल को दर्ज किया जाएगा. अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वे हर रोज इन डायरियों का अवलोकन (Observation) करें, ताकि कार्यों की नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके.
जल्द किया जाएगा शिकायतों का निपटारा
जानकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान सचिव गोपाल मीणा ने कहा कि जनशिकायत पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का जल्द और प्रभावी समाधान जरूरी है. इनका समाधान समय सीमा के अंदर करने का निर्देश दिया.
क्या कहना है डिप्टी सीएम का?
उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राजस्व से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार में लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी. भू-लगान वसूली, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे कार्य सीधे आम जनता से जुड़े हैं, इसलिए इनका समय के साथ और पारदर्शी समाधान हर हाल में सुनिश्चित करना होगा.
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