इलेक्ट्रिक वाहनों की बैट्रियों की होगी रिसाइक्लिंग

राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक- सीएनजी गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों में लगी बैट्रियों के निकलने पर उसकी रिसाइक्लिंग के लिए प्रस्ताव बनाया गया है.

– पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए तैयार किया गया प्रस्ताव -वाहन चालकों व मालिकों को किया जायेगा जागरूक संवाददाता, पटना राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक- सीएनजी गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों में लगी बैट्रियों के निकलने पर उसकी रिसाइक्लिंग के लिए प्रस्ताव बनाया गया है. बसों में लगी इलेक्ट्रिक वाहनों की बैट्रियां, जिनकी क्षमता में 70-80 प्रतिशत तक खत्म हो चुकी है. नियमानुसार ऐसी बैट्रियों को बदलना आवश्यक है. वहीं, बैट्री को रिसाइक्लिंग नहीं किये जाने की स्थिति में गंभीर परिणाम होने की संभावना बनी रहती है. रिसाइक्लिंग की व्यवस्था से पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा. इलेक्ट्रिक बैट्रियों के पुन: उपयोग को प्रोत्साहित किया जायेगा अपने जीवनकाल को पूर्ण कर चुके इलेक्ट्रिक बैट्रियों के दोबारा उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा. बैट्री एवं इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता के सहयोग से रिसाइक्लिंग व्यवस्था की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जायेगा.इस तरह बैट्री से बहुमूल्य धातुओं के निष्कर्षण एवं पुन: उपयोग को बढ़ावा दिया जायेगा. परिवहन विभाग के मुताबिक उद्योग विभाग द्वारा पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के परामर्श से बैट्रियों के पुन: उपयोग करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए एक विस्तृत नीति को अधिसूचित किया जायेगा. बिहार में लागू है इलेक्ट्रिक वाहन नीति -2023 बिहार में राज्य स्तरीय इलेक्ट्रिक वाहन संचालन समिति, इलेक्ट्रिक वाहन निगरानी समिति, परिवहन और जिला स्तरीय इलेक्ट्रिक वाहन समिति बनायी गया है. साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2023 लागू की गयी है. जिलाें में डीएम के नेतृत्व में निगरानी टीम काम कर रही है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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