पटना से अमृता सिंह की रिपोर्ट
पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में महिला मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया. सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं. कई महिलाओं ने घर का काम और जलपान तैयार करने के बाद मतदान किया, जबकि कई ने पहले मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई.
सुरक्षा, सुशासन और बच्चों का भविष्य रहा सबसे बड़ा मुद्दा
बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल और सेंट जेवियर्स स्कूल सहित कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही. महिला मतदाताओं ने बताया कि इस चुनाव में उनके लिए सुशासन, महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सबसे अहम मुद्दे हैं. उनका कहना था कि वे ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव चाहती हैं, जो शिक्षा, रोजगार और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करे.
बहुओं ने बुजुर्ग महिलाओं को पहुंचाया मतदान केंद्र
मतदान के दौरान बुजुर्ग महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला. चलने-फिरने में कठिनाई के बावजूद कई वृद्ध महिलाएं अपने परिवार की मदद से मतदान केंद्र पहुंचीं. पटना वीमेंस कॉलेज मतदान केंद्र पर आशा देवी अपनी बहू के साथ मतदान करने पहुंचीं. बहू ने पहले सास को मतदान कराया और फिर स्वयं अपने मतदान केंद्र जाकर वोट डाला.
ई-रिक्शा से पहुंचे बुजुर्ग दंपती, निभाया लोकतांत्रिक दायित्व
पटना वीमेंस कॉलेज मतदान केंद्र पर पहुंचे बुजुर्ग दंपती आशा देवी और दिनेश शाह ने बताया कि वे अकेले रहते हैं, फिर भी मतदान के प्रति उनका उत्साह कम नहीं हुआ. दोनों ई-रिक्शा से मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर वोट की कीमत होती है और मतदान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है.
जात-पात नहीं, विकास और सुशासन के नाम पर डाला वोट
एएन कॉलेज मतदान केंद्र पर मतदान करने पहुंची जोया ने कहा कि उन्होंने जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास, सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान किया है. उनका मानना है कि बिहार के बेहतर भविष्य के लिए योग्य और ईमानदार नेतृत्व का चयन जरूरी है. उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ के बाद सबसे पहले मतदान करना उनकी प्राथमिकता थी, क्योंकि मतदान ही लोकतंत्र को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है.
