कूटनीतिक जीत या सियासी गलती? आनंद मोहन ने उठाए सवाल, BJP को तात्‍कालिक फायदा, लेकिन NDA को नुकसान!

Anand Mohan statement NDA internal conflict : आनंद मोहन ने NDA के फैसले पर सवाल उठाया है. उन्‍होंने कहा कि इससे जनता में गलत संदेश गया है. इसका नुकसान जेडीयू से ज्यादा बीजेपी को हो सकता है. खबर में पढ़ें आनंद मोहन ने ऐसा क्‍या कह दिया! जिससे बिहार की राजनीति में आई गर्मी.

Anand Mohan statement NDA internal conflict : बिहार की सियासत में पावर शिफ्टिंग की घड़ी नजदीक है. अब महज 10 दिन शेष हैं. मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की सियासत से अलग होने वाले हैं. इसके बाद वो केंद्र की राजनीति का हिस्‍सा बन जाएंगे. इस बीच राजपूतों के नेता माने जाने वाले पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन के बयान ने बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है.

फैसले NDA के लिए ठीक नहीं

आनंद मोहन ने अपने बयान से एनडीए के भीतर नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भले ही यह फैसला बीजेपी के लिए कूटनीतिक सफलता हो, मगर इसका असर पूरे NDA गठबंधन पर पड़ेगा. उन्‍होंने यह भी कहा ‘जिन लोगों ने बैठकर ये फैसला लिया है और ये योजना बनाई है. उसका लाभ विपक्ष को मिलेगा. इस फैसले का नुकसान जितना JDU को होगा, उससे कही ज्‍यादा नुकसान BJP को होगा.’

जनता के भरोसे को ठेस?

आनंद मोहन ने कहा, ‘बिहार की जनता ने 2025 से 2030 फिर से नीतीश के वादे पर वोट किया. ये फैसला जनता के विश्‍वास को ठेस पहुंचाने वाला है.’ ऐसे में अब जो फैसला लिया गया है, उससे लोगों के विश्वास को ठेस पहुंचाता है. आनंद मोहन का कहना ‘मैं लोगों के बीच जा रहा हूं जनता में जो संदेश है वो एनडीए के हित में नहीं है.’  उन्‍होंने कहा, मौजूदा फैसलों में अंतर साफ दिख रहा है.

आनंद मोहन बोले- विपक्ष को मिलेगा फायदा

उन्होंने आरोप लगाया कि बंद कमरे में बैठकर जो रणनीति बनाई गई है, उसका जितना नुकसान जेडीयू को होगा, उससे कहीं ज्‍यादा नुकसान बीजेपी को होने वाला है. उन्‍होंने कहा, इसका सीधा लाभ विपक्ष को होगा. आनंद मोहन के मुताबिक, इस फैसले का राजनीतिक नुकसान एनडीए को उठाना पड़ेगा.

 चेतावनी! पिछड़े वोट बैंक पर असर

आनंद मोहन ने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए इस बात के लिए भर आगाह किया कि इस वक्‍त जो बिहार की राजनीति में हो रहा है उसका नुकसान एनडीए को उठाना पड़ेगा. उन्‍होंने बिहार के पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के मतदाताओं का जिक्र करते हुए बताया कि इस फैसले से जनता में गलत संदेश गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति रही तो इसका असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ेगा.

दबाव में लिया गया फैसला? 

नीतीश कुमार को राज्‍यसभा भेजने का फैसला दबाव में लिया गया है? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कदम एनडीए की “सेहत” के लिए अच्छा नहीं है. उनका कहना है कि जनता के बीच जो संदेश जा रहा है, वह गठबंधन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.

अंदरूनी राजनीति पर सवाल

ऐसे में आनंद मोहन ने जो बयान दिया है, उसने बिहार NDA की अंदरूनी राजनीति और रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ऐसे में NDA की संभावित राजनीतिक असर पर नई चर्चा शुरू हो गई है. अब देखने वाली बात ये होगी कि आनंद मोहन के इस बयान पर बीजेपी और जेडीयू की प्रतिक्रिया क्या होती है!


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लेखक के बारे में

By Keshav Suman Singh

बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्‍यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्‍स.कॉम बतौर असिसटेंट न्‍यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।

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