पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट
Digha Fortuner Incident: पटना के दीघा इलाके में फॉर्च्यूनर गाड़ी से कुचलने और इसके बाद थाने में दुर्व्यवहार व धमकी देने के आरोप में दीघा के पूर्व थानाध्यक्ष संजीव कुमार समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. न्यायालय में दायर परिवाद के आधार पर कोर्ट के आदेश से दीघा थाने में केस दर्ज किया गया है. वर्तमान दीघा थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.
मरीन ड्राइव के पास फॉर्च्यूनर चढ़ाने का आरोप
परिवादी उदय साव ने पुलिस को दिये परिवाद में आरोप लगाया है कि वह अपने एक दोस्त के घर से लौट रहे थे. इसी दौरान मरीन ड्राइव के पास रेलवे लाइन किनारे रुककर चाय पी रहे थे. आरोप है कि तभी आकाश कुमार ओझा ने जान से मारने की नीयत से उन पर फॉर्च्यूनर गाड़ी चढ़ा दी. हादसे में उनका हाथ टूट गया, जबकि पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आयीं. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें संभाला गया.
थाने में शिकायत पर दुर्व्यवहार का आरोप
उदय साव का आरोप है कि घटना के बाद वह शिकायत लेकर दीघा थाना पहुंचे, जहां उनके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया गया. परिवाद में उन्हें धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है. उन्होंने आरोपितों पर अपराधी गिरोह की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की.
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
थाने में शिकायत के बाद मामला न्यायालय पहुंचा. न्यायालय में दायर परिवाद पर सुनवाई के बाद कोर्ट के आदेश से दीघा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी. इसमें पूर्व थानाध्यक्ष संजीव कुमार समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है.
जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार घटना से जुड़े साक्ष्यों, उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. जांच पूरी होने के बाद ही परिवाद में लगाये गये आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.
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