AIIMS Patna : सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक और घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए. यह संदेश एम्स पटना के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ने शनिवार को ओपीडी फोयर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया.
झाड़-फूंक से हो सकता है नुकसान
एम्स के नर्सिंग स्टाफ ने नुक्कड़ नाटक के जरिए बताया कि सांप के काटने पर मरीज को शांत रखें, अनावश्यक चलने-फिरने न दें और जल्द अस्पताल पहुंचाएं. घाव को काटना या चूसना, जलाना, जड़ी-बूटी या रसायन लगाना तथा झाड़-फूंक कराना नुकसानदायक हो सकता है.
सर्पदंश को हल्के में न ले, तुरंत अस्पताल जाएं
कार्यक्रम में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह मौजूद रहे. डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि सर्पदंश को हल्के में नहीं लेना चाहिए और पीड़ित को बिना समय गंवाए उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना चाहिए.
चिकित्सकीय जांच व विशेषज्ञ की सलाह लें
कार्यक्रम में बताया गया कि सर्पदंश के तुरंत बाद गंभीर लक्षण नहीं दिखने पर भी खतरा टला नहीं माना जा सकता. चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है. एम्स ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने और झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचें.
