महिला विधायकों की मांग, संसद और राज्य विधानमंडलों में मिले 50 प्रतिशत आरक्षण

पटना : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर का उपयोग करते हुए पार्टी लाइन से हटकर बिहार विधानसभा की महिला सदस्यों के संसद और राज्य की विधानमंडलों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की. बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभी दलों की महिला सदस्या ने अपनी सीट से खडे होकर […]

पटना : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर का उपयोग करते हुए पार्टी लाइन से हटकर बिहार विधानसभा की महिला सदस्यों के संसद और राज्य की विधानमंडलों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की. बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभी दलों की महिला सदस्या ने अपनी सीट से खडे होकर देश की आधी आबादी के महिला होने की सच्चाई को ध्यान में रखकर संसद और राज्य विधानमंडलों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षित किये जाने की मांग की. उक्त मांग करने वाली महिला विधायकों में प्रदेश में सत्ताधारी जदयू की रंजू गीता एवं पूनम यादव, राजद की प्रेमा चौधरी एवं इजिया यादव तथा विपक्षी पार्टी भाजपा की भागीरथी देवी सहित अन्य शामिल थीं.

महिलाओं ने उठायी मांग

पूर्व मंत्री रंजू गीता ने उदाहरण के तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पंचायत राज और स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने को पेश किया.बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने महिलाओं की भावना की कद्र करते हुए कहा कि इस तरह का अध्यादेश संसद में लाया जा सकता है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कुछ विकास कार्यों को लेकर कुछ महिला विधायकों द्वारा की गयी मांग पर राज्य के मंत्रियों द्वारा उनकी मांगों को पूरा किए जाने का आश्वासन भी मिला.

राबड़ी देवी ने उठायी मांग

बिहार विधान परिषद में भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राजद नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी ने बिहार विधानसभा की महिला सदस्यों द्वारा संसद एवं विधानमंडल में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इसमें समाज में हाशिए पर रह रही महिलाओं को शामिल नहीं किया गया और ‘हाई-फाई’ महिलाओं को इसका लाभ दिया गया तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी.

महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें

वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए कृषि विभाग के बजटीय मांग पर बोलने से पूर्व राबड़ी ने कहा कि आज महिलाएं अपने पति के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है और वह घर में चूल्हा..चौका करने के साथ बाहर नौकरी सहित अन्य जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाती है, उसे भी बखूबी निभा रही है. अपने पति और राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर महिला आरक्षण का विरोध करने का लगाये जा रहे आरोप का प्रतिकार करते हुए राबडी ने स्वयं अपना उदाहरण पेश करते हुए कहा कि अगर वे महिलाओं के खिलाफ होते तो वे मुख्यमंत्री कैसे बनी. ताजमहल का निर्माण महिला के निधन पर किया गया पर लालू जी ने मुझे जीते जी ताज पहना दिया. उन्होंने बिहार में महागंठबंधन सरकार द्वारा की गयी शराबबंदी से महिलाओं को पहुंचे लाभ की चर्चा करते हुए कहा कि इसने राज्य की महिलाओं की जिंदगी बदल दी.

सुशील मोदी ने किया अनुरोध

बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि वे सर्वदलीय बैठक बुलायें और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व लोकसभा और राज्य विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करें.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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