पटना: बिहार में बढ़ते अपराध का हवाला देकर राजदसांसदमोहम्मद तस्लीमुद्दीन ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है. राजद सांसद ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था नहीं की कोई चीज नहीं है.उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पीएम तो दूर, मुखिया बनने के लिए सही नहीं हैं. तस्लीमुद्दीन ने महागंठबंधन तोड़ने की बात करते हुए आगे कहा कि इस पर निर्णय राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को लेना है.
राजद सांसद ने कहा कि महागंठबंधन को कोई औचित्य नहीं है और इसे तोड़ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे तो चाहते हैं कि महागंठबंधन आज ही टूट जाये, लेकिन इस पर निर्णय राजद सुप्रीमो को लेना है. तस्लीमुद्दीन ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ रहे हैं और सीएम नीतीश प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे है. इसके लिए वे बाहर घूम कर प्रचार भी कर रहे है. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश को पहले बिहार में बढ़ते अपराध पर रोक लगाने का प्रयास करना चाहिए और इसके लिए लालू प्रसाद यादव से बात करनी चाहिए. लेकिन वे ऐसा कोई प्रयास नहीं कर रहे है.
तस्लीमुद्दीन ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था देखना नीतीश कुमार का काम है. राजद सांसद इतने पर ही नहीं रुके और कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री कैसे बना दिया गया, वे तो मुखिया बनने लायक भी नहीं है. गौर हो कि इससे पहले तस्लीमुद्दीन के साथ ही रघुवंश प्रसाद सिंह एवं प्रभुनाथ सिंह ने भी मुख्यमंत्री परहमलाबोला था और बिहार में बढ़ते अपराध के लिए उनपर जमकर निशाना साधा था.
राजद का मतलब, लालू, तेजस्वी और राबड़ी : जदयू
राजद के तीन नेताओं तस्लीमुद्दीन, प्रभुनाथ सिंह और रघुवंश सिंह केसीएम नीतीश परकियेजा रहे जुबानी हमलेपर जदयू ने करारा जवाब दिया है. राज्य के पूर्व मंत्री औरजदयू के वरीय नेता श्याम रजक ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तीनों नेताओं को हताशा से भरा शख्स बताया है. श्यामरजक ने कहा कि राजद का मतलब है लालू प्रसाद, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी है. अगर इन तीनों ने सीएम पर कोई टिप्पणी नहीं की है तो टिप्पणी का कोई निहितार्थ नहीं है.श्याम रजक ने टिप्पणी करने वाले तीनों नेताओं को आत्ममंथन करने की नसीहत दी.
