पटना : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायकों एवं विधान पार्षदों को सरकारी पैसे से बांटे गये महंगे गिफ्ट परसियासीपाराचढ़नेलगा है.मीडियामें इसको लेकर शुक्रवारको खबरेंदिखाये जाने के बाद प्रदेश भाजपा के विधायकों एवंविधान पार्षदों नेसरकारकी ओर सेमिलेइन तोहफों को लाैटाने का फैसला लिया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सूबेके पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस संबंध में शनिवार को ट्वीट करइसकी जानकारी दी है.
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा के चालू बजट सत्र में विभिन्न विभागों ने सदस्यों को स्मार्ट फोन से लेकर माइक्रोवेब ओवन और ट्राली बैग समेत कई उपहार बांटे थे. कई विभागों ने विधानमंडल के सदस्यों को गिफ्ट बांटे थे उनमें कई विभाग के कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन भी नहीं मिल पाता है.मामलाप्रकाश में आने के बाद प्रदेश में सियासीपाराचढ़ने लगा है.इनसबके बीचभाजपाने पहलकरतेहुए सरकारीविभागों की ओर से महंगे गिफ्ट लौटाने का एलान किया है.
सुशील कुमार मोदी नेअपने ट्वीटमें इस संबंध में सरकार के उस बयान की भी निंदा की है जिसमें शिक्षा मंत्री ने ओवन को बिहार के गरीब विधायकों को मिडडे मिल टेस्ट किये जाने के लिए देने की बात कही थी. अापको बता दें कि शुक्रवार को शिक्षा विभाग की ओर से माइक्रोेवेव ओवनऔर एक अन्य विभाग की ओर से विधायकों को सूटकेस दिए गये. इससे पहले भी इस सत्र में मोबाइल और अन्य सामान बतौर गिफ्ट देने की खबरें है.
शिक्षा विभाग के गिफ्ट के कारण विभागीय मंत्री की आलोचन भी हुई क्योंकि सूबे में सरकारी शिक्षकों का वेतन बीते कुछ महीनों से लंबित है. बताया जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान गिफ्ट देने की परंपरा नयी नहीं है. हालांकि जानकारोंकीमानें तो बीते कुछ वर्षों में विधायकों के लिये उपहार का बजट बढ़ता जा रहा है.
