Bihar News: पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच एक अलग ही दृश्य का गवाह बना. हजारों महिलाओं के कंठ से एक ही स्वर गूंजता रहा-“अपना हक लेकर रहेंगे.” मौका था बीजेपी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का, जिसने बिहार की सियासत को नई ऊर्जा दे दी. भीषण गर्मी के बावजूद बिहार के कोने-कोने से महिलाएं पटना पहुंचीं और अपने अधिकारों की मांग को लेकर मजबूती से आवाज उठाई.
आयोजन स्थल पर कारपेट बिछाकर बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन गर्मी बढ़ने के कारण महिलाएं खुले मैदान में पेड़ों की छांव में चली गई. लेकिन हौसला कम नहीं हुआ.
सिर्फ वोट के लिए आधी आबादी का नाम क्यों?
सम्मेलन के मंच पर मंत्री श्रेयसी सिंह और लेसी सिंह की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा. पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री श्रेयसी सिंह ने विपक्ष पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राजद और जेएमएम जैसी पार्टियां केवल मइया योजना और जुमलेबाजी के जरिए महिलाओं को बरगलाती हैं.
श्रेयसी सिंह ने आरोप लगाया कि जब सदन में महिलाओं के सम्मान की बात आती है, तो विपक्ष के नेता इसे दबाने का काम करते हैं और मेज थपथपाकर जश्न मनाते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि रिसर्च भी मानती है कि महिला नेतृत्व में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचों में सुधार होता है, फिर भी इंडिया गठबंधन महिलाओं को चारदीवारी से बाहर राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने से हिचकता है.
महिलाओं की आवाज दबा रहा विपक्ष
मंत्री श्रेयसी सिंह ने विपक्षी गठबंधन पर महिला आरक्षण बिल को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राजद और जेएमएम जैसे दल महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से दूर रखना चाहते हैं. उनके मुताबिक, “जब भी महिलाएं नेतृत्व में आती हैं, तो स्वास्थ्य, शिक्षा और सफाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर बेहतर काम करती हैं, लेकिन विपक्ष उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है.”
श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह केवल बीजेपी या एनडीए का मुद्दा नहीं है, बल्कि भारत की हर उस महिला के स्वाभिमान का सवाल है जिसे सदन में अपमानित होना पड़ा. बीजेपी का कहना है कि जो भागीदारी मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों में दिखती है, वही भागीदारी अब विधानसभा और संसद में भी चाहिए. इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है.
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