– आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड के कुप्रभावों से मिली मुक्ति, शिशु मृत्यु दर में आयी कमी : मंत्री – शुद्ध पानी से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में हुआ सुधार संवाददाता, पटना हर घर नल का जल योजना के तहत लगभग 1.85 करोड़ घरों को 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन शुद्ध पानी मिल रहा है. वहीं, वर्तमान वर्ष में अब तक जलापूर्ति संबंधित कुल 57836 शिकायतों में से 57005 शिकायतों का ससमय निष्पादन किया गया है. वार्ड स्तर पर योजनाओं के निर्माण से दो लाख से अधिक लोगों को स्थानीय स्तर व ग्राम स्तर पर रोजगार मिला है. ये बातें बुधवार को पीएचइडी मंत्री नीरज कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं. उन्होंने कहा गांव की महिलाएं पंप ऑपरेटर के रूप में जलपूर्ति योजनाओं के रखरखाव में अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. वहीं, बिहार लोक सेवा आयोग की अनुशंसा के आलोक में 114 सहायक अभियंता की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है. मंत्री ने कहा आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड के कुप्रभावों से मुक्ति मिली है.इससे शिशु मृत्यु दर में कमी आयी है. महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है. जल जनित बीमारियों में कमी आयी है. बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025 के आंकड़ों के अनुसार डायरिया, टाइफाइड एवं वायरल हेपेटाइटिस के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है. मौके पर विभागीय अधिकारी मौजूद थे. यह है आगामी योजना और लक्ष्य , – छुटे हुए टोलों के लिए 27,737 नयी जलापूर्ति योजनाएं के माध्यम से 26,45,763 परिवारों तक पानी पहुंचाया जाना है. – सुपौल के छातापुर प्रखंड में 23 पंचायतों के 63 गांवों के 318 वार्डों में पानी पहुंचाने के लिए सतही जल आधारित बहुग्रामीय योजना के निर्माण व पांच वर्षों तक रखरखाव एवं परिचालन के लिए 320.10 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गयी हैं. इसी तरह अन्य योजनाओं को ससमय पूरा किया जायेगा. – कैमूर में भूजल की कमी से प्रभावित अधौरा प्रखंड की सात पंचायतों के 41 वार्डों में पानी पहुंचाने के लिए सोन के तट पर नलकूप के माध्यम से बहुग्रामीय जलापूणत योजना का निर्माण पूरा होना है. – दरभंगा के सदर प्रखंड के धोईघाट गांव में 2.99 करोड़ की लागत से मुक्ति धाम (शवदाह गृह) के निर्माण की योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है. – पूर्णिया जिला के बी-कोठी प्रखंड के मालदीहा गांव में एवं सुपौल जिला के छातापुर प्रखंड के छातापुर गांव में कुल 7.10 करोड़ की लागत से मुक्ति धाम (शवदाह गृह) के निर्माण के योजना की स्वीकृति दी गयी है. – विभागीय आधारभूत संरचना को और भी सुदृढ़ करने के लिए कुल 210.24 करोड़ रुपये की लागत से प्रशाखा, अवर प्रमंडल, प्रमंडल, अंचल, प्रक्षेत्र एवं मुख्यालय स्तर पर 149 विभागीय भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है.
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