पटना : शनिवार को आरा के सांसद आरके सिंह की ओर से टिकट बंटवारे को लेकर उटाये गये सवाल पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सफाई दी. उन्होंने कहा भाजपा में टिकट आवंटन निष्पक्ष रूप से होता है. गृह मंत्री ने कहा कि सभी पहलुओं पर विचार के बाद ही फैसला लिया जाता है. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना : शनिवार को आरा के सांसद आरके सिंह की ओर से टिकट बंटवारे को लेकर उटाये गये सवाल पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सफाई दी. उन्होंने कहा भाजपा में टिकट आवंटन निष्पक्ष रूप से होता है.
गृह मंत्री ने कहा कि सभी पहलुओं पर विचार के बाद ही फैसला लिया जाता है. उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त है और पार्टी को बहुमत का भरोसा है.
इससे पहले सांसद आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी पर पैसे लेकर अपराधियों को टिकट बांटने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि टिकट वितरण से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है.
टिकट वितरण पारदर्शी तरीके से नहीं हुआ. आपराधिक छवि वाले लोगों को भी टिकट मिल गया. उनके इस बयान के बाद पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गयी. बताया जा रहा है कि उनसे फोन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बात की. इधर शाम में बिहार के प्रभारी व राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी ने टिकट वितरण में पूरी पारदर्शिता अपनायी है.
किसी अपराधी को टिकट नहीं दिया गया है. श्री यादव ने सांसद के बयान को सिरे से खारिज कर दिया. उधर शेष पेज 23 पर
पूरी निष्पक्षता के साथ भाजपा…
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने आर के सिंह के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि अगर उन्होंने ऐसा आरोप लगाया है तो इसमें कुछ न कुछ सच्चाई जरूर होगी. चुनाव प्रचार में जुटे केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपराधियों को टिकट बेचे जाने के सिंह के दावे को खारिज किया. बिहार से राज्यसभा सदस्य प्रसाद ने कहा, ‘भाजपा में टिकट वरिष्ठ नेताओं के बीच पारदर्शी चर्चा के बाद नामित को दिया जाता है.
इधर भाजपा से नाराज चल रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रमोहन राय ने सांसद श्री सिंह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया.
उन्होंने कहा कि जब बरमेश्वर मुखिया की हत्या हुई तथा इसमें जदयू विधायक सुनील पांडेय का नाम आया तो ब्रह्मर्षि समाज के लोगों की नाराजगी नीतीश कुमार के प्रति थी लेकिन सुनील पांडे को टिकट से वंचित कर उन्होंने समाज को लोगों का दिल जीता.
भाजपा ने पहले सुनील पांडे के भाई को एमएलसी का टिकट दिया अब उनकी पत्नी को. भाजपा के इस कदम से समाज के लोगों में नाराजगी है. भाजपा ने सारा पाप अपने माथे पर ले लिया.