Patna Crime: पटना में 4 साल की बच्ची किडनैप, शॉल ओढ़ाकर ले गया, CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

Patna Crime: अपराधियों ने पटना में 4 साल की बच्ची को बुधवार रात किडनैप कर लिया. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

Patna Crime: बिहार की राजधानी पटना में घर के अंदर परिवार के साथ सो रही चार वर्षीय बच्ची के अगवा कर लिया. यह घटना अगमकुंआ थाना के महात्मा गांधी नगर कांटी फैक्ट्री रोड में बुधवार की रात घटी. पुलिस परिवार की शिकायत पर मामले मे जांच-पड़ताल कर रही है.थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि टिफिन बांटने व गुपचुप बेचने का काम करने वाले अवधेश कुमार की चार वर्षीय पुत्री अर्चना के अगवा का मामला है

इंस्पेक्टर ने क्या बताया

बुधवार की रात बच्ची परिवार के साथ घर में सोई थी और दरवाजा खुला था. इसी दौरान देर रात अगवा की घटना हुई है. गुरुवार की मौके अगमकुंआ थानाध्यक्ष और एएसपी अतुलेश झा घटनास्थल पर पहुंच छानबीन की. इंस्पेक्टर ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी कैमरे में शॉल ओढ़ाकर बच्ची को ले जाते दिख रहा है. प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि किसी परिचित के साथ ही बच्ची गई है. पुलिस साइंटिफिक तरीके से छानबीन कर रही है.

दरभंगा से दुल्हन को कर लिया था किडनैप

बिहार में किडनैपर का आतंक बढ़ गया है. बुधवार को एक हैरान करने वाला मामला दरभंगा जिले से आया जहां एक गांव में शादी के चौथे दिन दुल्हन को किडनैप कर लिया. इस मामले में दुल्हन की मां ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई. प्राथमिकी में अनिल कुमार, सुरेंद्र भगत और मां मीना देवी को नामजद किया है. दुल्हन की मां ने बताया है कि उसने अपनी लड़की की शादी हायाघाट थाना क्षेत्र की एक गांव में एक लड़के से की थी. शादी के चार दिन बाद चौठारी के दिन दूल्हा-दुल्हन जैसे ही वापस लौटे कि आरोपियों ने दुल्हन का अपहरण कर लिया. मामले को लेकर प्रभारी थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी ने बताया कि दुल्हन की बारामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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