इमरजेंसी में मरीजों के इलाज के लिए बनाये जायेंगे तीन जोन

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में इमरजेंसी मरीजों के लिए स्पष्ट नीति निर्धारित कर दी है.

संवाददाता,पटना स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में इमरजेंसी मरीजों के लिए स्पष्ट नीति निर्धारित कर दी है. इसमें कहा गया है कि हर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अपने यहां इमरजेंसी में ट्रायज सिस्टम लागू करें. ट्रायज एरिया में बीमारी की गंभीरता के अनुसार मरीजों को तीन भागों में बांट दें. ट्रायज में रेड, येलो और ग्रीन एरिया के अनुसार मरीजों को रखे. रेड एरिया में वैसे मरीज को रखें जिनका जीवन जोखिम में हो और तत्काल इलाज की आवश्यकता है. इसी तरह से येलो एरिया में वैसे मरीजों को रखें जिनको तत्परता से इलाज किया जाना है. ग्रीन एरिया में वैसे मरीजों को रखा जाये जिन पर ध्यान तो दिया जाना है,पर उनकी स्थिति उतनी गंभीर और चिंताजनक नहीं है. विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि इमरजेंसी में मरीज के आने के बाद रिसेप्शन के माध्यम से ट्रायज एरिया में भेज दिया जायेगा. उसका चीफ मेडिकल ऑफिसर द्वारा तत्काल निरीक्षण कर बीमारी की गंभीरता के अनुसार रेड, येलो व ग्रीन एरिया में शिफ्ट करेंगे. रेड जोन के मरीज के आते ही एक मिनट के अंदर आरंभिक जांच और मूल्यांकन कर उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर का सपोर्ट दे देना है. येलो जोन के मरीजों का 15 मिनट के अंदर जांच और इलाज आरंभ कर देना है. ग्रीन एरिया में रखे गये मरीजों का दो घंटे के अंदर जांच और इलाज आरंभ करना है. इतना ही नहीं हर स्तर पर चिकित्सकों की जिम्मेवारी भी निर्धारित की गयी है. रेड जोन के मरीज को सीनियर रेसिडेंट एक मिनट के अंदर देखेंगे जबकि उसी जोन के अंदर आधे घंटे के अंदर असिस्टेंट प्रोफेसर को मरीज को देखना है.

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Published by: Rakesh ranjan

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