भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन विकास की आवश्यकता
मुआवजे के बीच संतुलन बिठाने वाला है यह संशोधन : जेटली नयी दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भूमि अधिग्रहण कानूनों में बदलाव के खिलाफ आलोचनाओं को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि इन संशोधनों से जहां भू-स्वामियों को उनकी जमीन के लिए अधिक मुआवजा सुनिश्चित होगा, वहीं देश की विकास संबंधी जरूरतें भी […]
मुआवजे के बीच संतुलन बिठाने वाला है यह संशोधन : जेटली नयी दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भूमि अधिग्रहण कानूनों में बदलाव के खिलाफ आलोचनाओं को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि इन संशोधनों से जहां भू-स्वामियों को उनकी जमीन के लिए अधिक मुआवजा सुनिश्चित होगा, वहीं देश की विकास संबंधी जरूरतें भी पूरी होंगी.जेटली ने फेसबुक पर ‘भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन:सही तस्वीर’ शीर्षक से एक टिप्पणी की है. इसमें कहा गया है, यह संशोधन… भारत की खासकर ग्रामीण भारत की विकास संबंधी जरूरतों को संतुलित करता है और ऐसा करते हुए भी यह भूमि स्वामियों के लिए अधिक मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करता है.” केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कुछ पूछताछ के बाद 31 दिसंबर, 2014 को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित क्षतिपूर्ति का अधिकार और पारदर्शिता :संशोधन: अधिनियम, 2013 ” में संशोधन संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी.इस कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश का रास्ता चुनने के सरकार के निर्णय की पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जबरदस्त आलोचना की. उन्होंने इस कदम को ‘चिंताजनक’ बताया.
