Bihar Vidya Saathi App : पटना. बिहार के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हर समय शिक्षक की सहायता मिल सकेगी. राज्य के करीब 75 हजार शिक्षकों को एपी पर पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इनमें कक्षा 9वीं और 10वीं के सभी विषयों के शिक्षक शामिल होंगे, जबकि 11वीं और 12वीं में केवल विज्ञान विषय के शिक्षक एपी पर उपलब्ध रहेंगे. इन शिक्षकों को इस तरह जोड़ा जाएगा कि विद्यार्थी जरूरत पड़ने पर उनसे ऑनलाइन सहायता ले सकें.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में 24x7, 1:1 इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म "बिहार विद्या साथी" की शुरुआत की थी. इस योजना का लाभ राज्य के 30 जिलों के 700 मॉडल विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब तीन लाख विद्यार्थियों को मिलेगा.
24 घंटे उपलब्ध रहेगी शिक्षक की सहायता
"बिहार विद्या साथी" की खासियत यह होगी कि विद्यार्थी अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार शिक्षक का चयन कर सकेंगे. शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच वन-टू-वन लाइव संवाद के माध्यम से पढ़ाई होगी. किसी विषय या पाठ को समझने में परेशानी होने पर विद्यार्थी तत्काल शिक्षक से सहायता ले सकेंगे.
इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी अलग-अलग समय के अनुसार तय की जाएगी. इसका उद्देश्य यह है कि विद्यार्थियों को पूरे दिन किसी न किसी शिक्षक की शैक्षणिक सहायता मिलती रहे. एपी पर पढ़ाने वाले शिक्षकों को विद्यार्थियों की ओर से दी गयी रेटिंग के आधार पर अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी.
9वीं-10वीं में सभी विषय, 11वीं-12वीं में विज्ञान
एपी पर कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को सभी विषयों के शिक्षकों से पढ़ने और अपनी समस्या का समाधान कराने की सुविधा मिलेगी. वहीं कक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को विज्ञान विषयों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी.
छात्रों को बिहार बोर्ड के साथ जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेषज्ञ अध्ययन सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी. एआई आधारित टूल के माध्यम से कॉन्सेप्ट समझने और अभ्यास करने की सुविधा भी दी जाएगी.
रजिस्ट्रेशन से तय होगी विद्यार्थी की पहचान
मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का एपी पर पंजीकरण उनकी कक्षा 9वीं के रजिस्ट्रेशन के आधार पर किया जाएगा. इसी आधार पर उनकी पहचान और शैक्षणिक रिकॉर्ड को जोड़ा जाएगा. इसके बाद विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार शिक्षक और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी.
शिक्षा मंत्री के अनुसार इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सही मार्गदर्शन देना है. विद्यार्थी जब चाहें और जहां से चाहें, अपनी पढ़ाई से जुड़ी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकेंगे. यह सुविधा फिलहाल 700 मॉडल विद्यालयों के करीब तीन लाख विद्यार्थियों के लिए शुरू की गयी है और आगे इसे राज्य के अन्य विद्यालयों तक विस्तार देने की योजना है.
