गेम प्लानर सेफ, मोहरे गये जेल

पटना : राहुल के अपहरण के पीछे गेम प्लानर कोई और है. घटना के समय वह मौजूद था. उसके प्लान के मुताबिक सब कुछ हुआ, लेकिन मौका भांप कर राहुल ने उसके इरादे पर पानी फेर दिया. कुणाल मौके पर मौजूद था, इसलिए पकड़ा गया. वह भागा नहीं, क्योंकि वह मोहरा था. उसने गेम प्लानर […]

पटना : राहुल के अपहरण के पीछे गेम प्लानर कोई और है. घटना के समय वह मौजूद था. उसके प्लान के मुताबिक सब कुछ हुआ, लेकिन मौका भांप कर राहुल ने उसके इरादे पर पानी फेर दिया. कुणाल मौके पर मौजूद था, इसलिए पकड़ा गया. वह भागा नहीं, क्योंकि वह मोहरा था. उसने गेम प्लानर के कहने पर दोस्ती निभायी और राहुल को फोन करके बुलाया. शायद उसे नहीं मालूम था कि राहुल के साथ कोई घटना की साजिश है. यही नहीं राहुल के मौके पर आने तक वह लड़की मौजूद थी, लेकिन जब छात्र को कार में बैठाने का प्रयास होने लगा, तो वह गायब हो गयी.
दरअसल राहुल की गर्ल फ्रेंड गेम प्लानर को भी पसंद आ गयी थी. वह काफी दिनों से उसका पीछा कर रहा था. धीरे-धीरे वह राहुल की गर्ल फ्रेंड के करीब पहुंचा गया. गेम प्लानर चूंकि पैसेवाला है, उसके पिता ओहदेदार हैं, इसलिए राहुल की गर्ल फ्रेंड अब उसे ज्यादा समय देने लगी थी. दोस्ती गहरी हुई, तो राहुल दोनों को खटकने लगा. यहीं से शुरू हुई राहुल को हटाने की तैयारी. गेम प्लानर ने राहुल की गर्ल फ्रेंड को साजिश में शामिल किया ही, अपने दोस्त कुणाल को भी मोहरा बनाया.
राहुल और कुणाल पक्के दोस्त हैं और पड़ोसी भी. दोनों मंदिरी में रहते हैं, लेकिन गेम प्लानर से सिर्फ कुणाल की दोस्ती है राहुल की नहीं. राहुल की गर्ल फ्रेंड कुणाल को भी जानती है. साजिश के तहत शुक्रवार को वह बेली रोड पहुंची हुई थी. प्लान के तहत राहुल को उठाने का प्रयास हुआ, लेकिन वह भाग करके सारा खेल खत्म कर दिया.

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