केंद्रीय श्रमायुक्त के समक्ष आइबीए और यूएफबीइयू की वार्ता विफल
पटना : संसद के बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी को शुरू होकर 11 फरवरी तक और दूसरा चरण 11 मार्च से तीन अप्रैल तक चलेगा. स्वतंत्र भारत में यह पहली घटना है जब बजट सत्र के शुरुआत और अंत दोनों में बैंक हड़ताल पर रहेंगे. इस बीच बैंकों के नौ यूनियनों का शीर्ष संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने भी 31 जनवरी और दो फरवरी, 11 मार्च से 13 मार्च तथा एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है.
हड़ताल के क्रम में केंद्रीय श्रमायुक्त ने सोमवार को समझौता के लिए आइबीए और यूएफबीइयू की बैठक बुलायी गयी थी जो बेनतीजा रही. केंद्रीय श्रमायुक्त के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए आइबीए ने बैंकों के बढ़ते एनपीए से अधिकांश बैंकों के कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए 12.25% वेतन बढ़ोतरी को उपयुक्त बताया.
वहीं यूनियन प्रतिनिधियों ने बैंक की तथाकथित स्थिति के लिए सरकारी नीतियों और दोषपूर्ण ऋण वसूली सिद्धांत को जिम्मेदार ठहराया. साथ ही बैंक कर्मियों को मूल बैंकिंग कार्य से अलग कर उन्हें बीमा बेचने और आधार कार्ड बनाने में लगाये जाने से बैंक लाभ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चर्चा की.
