पटना : जदयू महासचिव पवन वर्मा के पत्र को लेकर शुक्रवार को पत्रकारों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इसको कहते हैं पत्र ? कोई आदमी पार्टी का रहता है, पत्र लिखता है , पत्र देता है…तब ना उसका जवाब होता है. इसे पत्र कहते हैं…इमेल पर भेज दीजिए…कुछ और प्रेस में जारी कर दीजिए!
आपको बता दें कि हाल में सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गये एक पत्र में पवन वर्मा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी के भाजपा के साथ गठजोड़ करने के बाद इस मुद्दे पर नीतीश कुमार से वैचारिक स्पष्टता की मांग की थी. नीतीश कुमार ने पूर्व में संवाददाताओं से कहा था कि वह एक विद्वान व्यक्ति हैं और मेरे मन में उनके प्रति काफी सम्मान है, भले ही उनके दिल में मेरे लिये ऐसे विचार न हों. लेकिन, क्या ये बातें पार्टी के अंदर न रखकर सार्वजनिक रूप से रखना सही है.
