पटना : बिहार में बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर एक ओर जहां महागठबंधन में शामिल प्रमुख घटक दल कांग्रेस की ओर से दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया. वहीं, दूसरी ओर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं उनकी पत्नी व पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर भी इस बार सामूहिक भोज का आयोजन नहीं किया गया. हालांकि, इन सबके बीच लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास पर पिता की इस परंपरा को जारी रखने का प्रयास करते दिखें.
अक्सर सुर्खियों में रहने वाले तेज प्रताप यादव मकर संक्रांति के अवसर पर एक बार फिर नये अंदाज में दिखे हैं. दरअसल, मकर संक्रांति के मौके परवे हाथों में मांझा लिए मैदान में उतर आये. इस दौरान उन्होंने पतंगबाजी में हाथ आजमाने के साथ ही अपनी गोशाला में जाकर गायों को चारा भी खिलाया. गौर हो कि पूर्व में मकर संक्रांति के अवसर पर लालू-राबड़ी आवास पर दही-चूड़ा खाने वालों की भीड़ उमड़ती थी. लेकिन, लालू प्रसाद के जेल जाने के साथ ही उनके आवास पर इस तरहकेआयोजन खत्म होती दिख रही है.
हालांकि, बड़े बेटे तेज प्रताप ने अपने पिता की परंपरा को कुछ हद तक निभाते हुए अपने सरकारी आवास पर मंगलवार को दही-चूड़ा के भोज का आयोजन किया. इस भोज में उन्होंने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं और कुछ विधायकों को बुलाया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तेज प्रताप ने अपने पिता लालू यादव के अंदाज में ही खूब डट कर दही-चूड़ा खाया और लोगों को भी खिलाया. इस मौके परवहांमौजूद लोगों को तेज प्रताप ने तुलसी का एक-एक पौधा भी भेंट किया. इसके बाद उन्होंने जमकर पतंगबाजी का लुत्फ उठाया और आने वाले लोगों को धन्यवाद कहा.
