पटना : बिहार पंचायत, नगर प्रारंभिक शिक्षक 2019-20 में बीटीइटी को अलग से कोई प्राथमिकता नहीं दी जायेगी. नियोजन के लिए उसकी स्थिति शिक्षक पात्रता परीक्षा( टीइटी) के समान ही होगी. शिक्षा विभाग ने इस मामले में नियोजन इकाइयों की तरफ से मांगे गये मार्गदर्शन के संदर्भ में सोमवार को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है.
शिक्षा विभाग ने अपने अाधिकारिक पत्र में साफ किया है कि केंद्र अथवा बिहार सरकार की तरफ से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी नियोजन के लिए समान रूप से पात्रता रखते हैं. इसलिए अलग से बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत नहीं है. इस आशय का स्पष्टीकरण और मार्ग दर्शन पत्र प्रदेश के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं स्थापना से संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को भेज दिया गया है. शिक्षा विभाग ने डीएलएड को प्राथमिकता देने के संबंध में साफ कर दिया है कि विभाग का निर्णय एकदम सही है.
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीइ) की तरफ से मान्यता प्राप्त संस्थान से अगर किसी अभ्यर्थी ने शिक्षा स्नातक की उपाधि हासिल की है, तो वह कक्षा एक से पांच तक पढ़ाने का पात्र माना जायेगा. हालांकि दो वर्ष के भीतर 6 माह का एक सेतु पाठ्यक्रम भी करना होगा.
