पटना : राजधानी की सड़कें अतिक्रमणमुक्त रहें और फुटपाथी दुकानदार व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय कर सकें, इसको लेकर निगम प्रशासन ने तीन जगहों पर वेंडिंग जोन और 92 जगहों पर वेंडिंग शेल्टर बनाने की योजना बनायी. इन योजनाओं पर काम भी शुरू हुआ, लेकिन नगर आयुक्त के बदलते ही वेंडिंग जोन व वेंडिंग शेल्टर का निर्माण रुक गया.
अब निर्माण कार्य नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) की पेच में महीनों से फंसा है. एनओसी मिलने के बाद ही आगे निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. राजधानी में तीन जगहों पर वेंडिंग जोन बनना है.
इसको लेकर निगम प्रशासन ने बोरिंग कैनाल रोड के बीचोबीच, कदमकुआं सब्जी मंडी और शेखपुरा मोड़ को चिह्नित किया. इन चिह्नित स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू भी किया गया, जो आधा-अधूरा पड़ा है.
इस वेंडिंग जोन पर पथ निर्माण विभाग ने आपत्ति जताते हुए कहा कि निर्माण से पहले एनओसी नहीं लिया गया. एनओसी लेने के बाद ही कार्य शुरू करें. पथ निर्माण विभाग की आपत्ति के बाद निगम की ओर से एनओसी की मांग की गयी है, जो अब तक लंबित है.
शेल्टर बनने के बाद भी उपयोग में नहीं
निगम प्रशासन ने 92 जगहों को चिह्नित किया. इन चिह्नित जगहों से अतिक्रमण भी हटाया, ताकि शीघ्र वेंडिंग शेल्टर बनाने का काम शुरू किया जा सके. कंकड़बाग ऑटो स्टैंड के समीप आवास बोर्ड की जमीन पर आनन-फानन में वेंडिंग शेल्टर बनाने का काम शुरू किया गया, जो बन कर तैयार है.
लेकिन, फुटपाथी दुकानदारों के उपयोग में नहीं है. इसके साथ ही पेसू कार्यालय के समीप, मलाही पकड़ी चौराहा, मीठापुर सब्जी मंडी, गर्दनीबाग, दरियापुर, दीघा सब्जी मंडी आदि जगहें हैं, जहां पाइलिंग होकर काम रुका हुआ है.
92 जगहों पर वेंडिंग
शेल्टर बनना है, जहां निर्माण कार्य शुरू किया गया. लेकिन, एनओसी को लेकर काम रोकना पड़ा. संबंधित विभाग से एनओसी की मांग की गयी है और एनओसी मिलते ही काम शुरू किया जायेगा.
हर्षिता, पीआरओ, नगर निगम
