विस चुनाव की तैयारी : हर राजनीतिक दल अपनी जमीनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में
पटना : चुनावी साल में हर राजनीतिक दल अपनी जमीनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में है. नौ महीने बाद राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरने को तैयार पार्टियों के दावे पर भरोसा करें, तो कुल सात करोड़ वोटरों में हर दूसरा मतदाता किसी-न-किसी दल का सदस्य है.
राज्य की आबादी करीब 12 करोड़ की है. इनमें सात करोड़ मतदाता हैं. सभी प्रमुख दलों के सदस्यों की संख्या जोड़ लेने पर उनकी संख्या करीब चार करोड़ तक पहुंच जा रही है. इसके बाद भी कोई दल संतुष्ट नहीं है. लोजपा का दावा अभी 35 लाख सदस्य होने की है. पार्टी ने मार्च तक इसे एक करोड़ को पार कर जाने का लक्ष्य रखा है.
सदस्यों की संख्या बढ़ाने में जोर-शोर से कूदी भाजपा के प्रदेश में 90 लाख से अधिक सदस्य हैं. पार्टी ने मिस्ड काॅल से भी सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है. सत्ताधारी दल जदयू के राज्य में पचास लाख से अधिक सदस्य हैं. पार्टी ने सभी 72 हजार मतदान केंद्रों पर एक अध्यक्ष और एक सचिव की नियुक्ति की है. पार्टी मतदान केंद्रों पर पांच सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है.
सदस्यता का आंकड़ा
राजद 1.5 करोड़
जदयू 50 लाख
कांग्रेस 16 लाख
भाजपा 90 लाख
रालोसपा 40 लाख
हम 10 लाख
भाकपा 80 हजार
माकपा 21500
भाकपा माले 90 हजार
लोजपा 35 लाख
सात करोड़ वोटर और चार करोड़ दलीय मेंबर
मुख्य विपक्षी दल राजद के दावे के अनुसार प्रदेश में उसके डेढ़ करोड़ सदस्य बने हैं. राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने इस संख्या की पुष्टि की है.
राजद का यह दावा सही है तो वह प्रदेश में सबसे अधिक सदस्यों वाला दल होगा. राजद ने कहा है कि उसके जितने भी सदस्य बने हैं, सबकी जानकारी प्रदेश कार्यालय में उपलब्ध है. पार्टी का एक विंग सदस्यों के नंबरों की रैंडमली जांच भी कर रहा है. राज्य की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के राज्य में सोलह लाख सदस्य हैं. पार्टी नेताओं के मुताबिक दल का सदस्यता अभियान निरंतर चल रहा है.
महागठबंधन की सहयोगी रालोसपा ने प्रदेश में चालीस लाख सदस्य बनाये हैं. पार्टी नेताओं के मुताबिक प्रति सदस्य पांच रुपये की दर से उन्हें सहयोग राशि भी मिली है. इसी प्रकार पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी हम ने दस लाख सदस्य बनाने का दावा किया है. लोजपा ने सभी जिला अध्यक्षों को हर पंचायत कम- से- कम सौ सदस्य बनाने का टास्क दिया है.
इस हिसाब से पूरे प्रदेश में उसके साढ़े आठ लाख सदस्य होंगे.वाम दलों में सदस्य बनने की प्रक्रिया कठिन है. इनमें सबसे अधिक सदस्य भाकपा माले के है. पार्टी के मुताबिक दल के प्रदेश में 90 हजार सदस्य हैं. दूसरे नंबर पर भाकपा है. इसके 80 हजार सदस्य हैं, जबकि माकपा के सदस्यों की संख्या 21500 है.
