Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर एनडीए सरकार पर फिर निशाना साधा. सरकारी स्कूलों में म्यूजिक टीचर की कमी पर उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘बिहारवासियों को जानकर घोर आश्चर्य होगा कि बिहार के 𝟕𝟔,𝟎𝟎𝟎 से अधिक प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में एक भी संगीत शिक्षक नहीं हैं लेकिन भ्रष्ट जदयू-बीजेपी सरकार ने संगीत के वाद्य-यंत्रों की खरीद पर ही 𝟏𝟓𝟖.𝟒𝟒 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं.’
एक्स पर तेजस्वी यादव ने और क्या लिखा?
आगे उन्होंने यह भी लिखा, हैरानी की बात यह है कि ना ही विद्यालयों के शिक्षकों ने इन उपकरणों की मांग की थी और ना ही उन्हें इसके उपयोग का कोई प्रशिक्षण दिया गया है. स्पष्ट है कि विद्यालयों में म्यूजिक टीचर उपलब्ध न होने के कारण ये वाद्य-यंत्र बजाने के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार रूपी म्यूजियम में सजाने के लिए खरीदे गए हैं.
तेजस्वी यादव ने यह भी लिखा, ‘बिना मांगे मोती मिले, मांगे मिले न भीख’ को इतनी सहजता से एनडीए सरकार चरित्रार्थ कर रही है जबकि शिक्षक अभ्यर्थी बेसब्री से वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं. हैरानी की बात है कि बिहार के विद्यालयों में म्यूजिक शिक्षक की कितनी रिक्तियां हैं, भाजपा-जदयू की सरकार के पास वर्तमान में कोई आंकड़ा नहीं है. बिना शिक्षक के स्कूलों में वाद्य-यंत्रों का क्या उपयोग है? क्या इन्हें केवल धूल फांकने और खराब होने के लिए खरीदा गया है?
बिहार के दोनों डिप्टी सीएम से मांगा जवाब
एक्स पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने जवाब मांगा. तेजस्वी ने लिखा, ईमानदारी और सुशासन का चोला पहने मुख्यमंत्री और दो-दो उपमुख्यमंत्री जवाब दें कि बिना शिक्षक बहाली किए, बिना एक भी संगीत शिक्षक के, ये सैंकड़ों करोड़ के वाद्य-यंत्रों को क्या भ्रष्टाचार का बाजा बजाने के लिए खरीदा गया है? इनकी खरीद में इतनी हड़बड़ी व अपारदर्शिता से स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं कि क्या एनडीए के मंत्रियों और अधिकारियों ने अपने-अपने हिस्से के कमीशन को सेट करने के लिए इन वाद्य-यंत्रों की खरीदी की है?
स्वास्थ्य विभाग को लेकर क्या कहा था?
इससे पहले बिहार के स्वास्थ्य विभाग की पोल भी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने खोली थी. सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिए ही उन्होंने पोस्ट शेयर कर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर तंज भी कसा था. तेजस्वी यादव ने लिखा था, ‘अमंगल दोष से ग्रसित बिहार का स्वास्थ्य विभाग’.
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