पटना : राजद के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव 16 जनवरी से विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बाबत जिलों की यात्रा शुरू करने जा रहे हैं. पार्टी ने उनके लिए सीमांचल की यात्रा का खाका तैयार कर दिया है. यात्रा के दौरान तेजस्वी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को सीएए और एनअारसी का मायने मतलब समझायेंगे.
पार्टी की समझ है कि केंद्र सरकार ने सीएए और एनआरसी से अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश की है. इसे राजद बर्दाश्त नहीं करेगा. इसी संबंध में शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कोसी व सीमांचल क्षेत्रों के सात जिलों किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया,सुपौल, मधेपुरा और सहरसा के जिला अध्यक्षों को करीब दो घंटे तक राजनीतिक गुरुमंत्र दिये. जिला अध्यक्षों से कहा कि वे तेजस्वी की यात्रा को सुनने- पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं को पहले बता देना जरूरी है कि एनआरसी, नागरिकता संशोधन अधिनियम क्या हैं.
उन्होंने साफ किया कि यह यात्रा न केंद्र सरकार के मनमाने इन प्रावधानों के खिलाफ है, बल्कि राज्य सरकार के अराजक माहौल के खिलाफ भी है. जब कार्यकर्ता को मुद्दों की समझ होगी, तभी वे अपने नेताओं की मंशा जनता को समझा सकेंगे. बैठक के दौरान जिला अध्यक्षों को बताया कि अधिक- से- अधिक कार्यकर्ता जुटाने के लिए उन्हें क्षेत्र मेें सघन दौरा करना होगा. बैठक में राजद के प्रधान महासचिव आलोक मेहता और वरिष्ठ नेता चितरंजन गगन आदि उपस्थित रहे. बैठक के दौरान जिला अध्यक्षों से जरूरी फीडबैक भी लिये गये.
पहली बार इलाका बार बैठक
राजद में पहली बार क्षेत्रानुसार जिला अध्यक्षों की बैठक हो रही है. पांच अलग- अलग क्षेत्रों को अलग -अलग तिथियों को यह बैठक बुलायी गयी है. आज कोसी अंचल के जिला अध्यक्षों की बैठक हुई. इस तरह की बैठक सिलसिलेवार होगी.
