पटना : कथित तौर पर जदयू की तरफ से आयकर गाेलंबर पर चिपकाये गये पोस्टर पर राजद भड़क गया है. इस पोस्टर में राजद के शासनकाल के 15 साल और राजग सरकार के 15 साल की तुलना की गयी है.
इसमें राजद के शासनकाल को तमाम उपमा देते हुए उसे बदतर बताया है. प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि पोस्टर में की गयी तुलना न केवल अवैज्ञानिक बल्कि मनगढ़ंत है. उन्होंने पोस्टर लगाने वाली ताकतों को चुनौती दी कि उनमें माद्दा है तो वे दोनों के शासनकाल की सही तुलना करें.
जगदानंद ने कहा कि तुलनात्मक आंकड़े में यह बात आनी चाहिए कि राजद से पहले के 15 साल की क्या स्थिति थी? उन्होंने दावा किया कि राजद की सरकार कई मायने में बेहतर साबित होगी. वहीं, पोस्टर मसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने जदयू पर आरोप लगाया कि उनके लोग लोकतांत्रिक मर्यादाएं तोड़ रहे हैं.राजद नेता लालू प्रसाद धार्मिक व्यक्ति जरूर थे,लेकिन अंधविश्वासी नहीं थे. मिट्टी और पुड़िया वाली बातें बे -सिर पैर की हैं.
कांग्रेस ने जदयू को दी चुनौती
पटना. जदयू-राजद के पोस्टर वार में कांग्रेस भी कूद पड़ी है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड के 15 साल बनाम 15 साल के पोस्टर पर कहा है कि राज्य सरकार अपने 15 सालों और उसके पिछले 15 सालों की हत्याएं, दुष्कर्म, लूट, भ्रष्टाचार के कारनामों पर खुली बहस करा ले.
उन्होंने कहा है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार एनडीए सरकार में हत्या, बलात्कार जैसे संगीन अपराध कई गुना बढ़े हैं. इसे नजरअंदाज कर जदयू के प्रवक्ता तथा रणनीतिकारों द्वारा जनता के बीच 1990 से 2005 तथा 2005 से 2020 के शासनकाल को लेकर भ्रम जाल फैलाया जा रहा है.
