पटना :अनदेखी से लटका पीआरडीए भूमि के फ्री-होल्ड का मामला

पटना : पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (विघटित पीआरडीए) की आवासीय भूखंड को फ्री-होल्ड करना है. फ्री-होल्ड के प्रस्ताव को स्थायी समिति व बोर्ड की बैठक में स्वीकृति दी गयी और नगर आवास विकास विभाग से मंजूरी के लिए भेजा गया. लेकिन, विभाग ने दो माह पहले नगर आयुक्त से पूछा है कि 10 प्रतिशत राशि […]

पटना : पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (विघटित पीआरडीए) की आवासीय भूखंड को फ्री-होल्ड करना है. फ्री-होल्ड के प्रस्ताव को स्थायी समिति व बोर्ड की बैठक में स्वीकृति दी गयी और नगर आवास विकास विभाग से मंजूरी के लिए भेजा गया. लेकिन, विभाग ने दो माह पहले नगर आयुक्त से पूछा है कि 10 प्रतिशत राशि लेकर फ्री-होल्ड करने का क्या औचित्य है. इसका जवाब निगम की ओर से अब तक विभाग को नहीं भेजा गया है. इससे फ्री-होल्ड का मामला अटका हुआ है.
सर्किल रेट का 10% लेकर करना है फ्री-होल्ड : एसकेपुरी, राजेंद्र नगर और बेऊर इलाके में पीआरडीए के आवासीय भूखंड हैं. इन भूखंडों को फ्री-होल्ड करने का प्रस्ताव वर्ष 2018 में बनाया गया, जिसमें सर्किल रेट का 25 प्रतिशत आवंटी से लेने का प्रावधान किया गया. इस प्रस्ताव पर विभाग ने आपत्ति जताते हुए 10 प्रतिशत करने का निर्देश दिया.
निगम को होना है 300 करोड़ का लाभ
पीआरडीए के आवंटियों को भूखंड की खरीद-बिक्री करने में काफी परेशानी हो रही थी. वहीं, मकान की ऊंचाई बढ़ाने से पहले निगम से एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य था. इसमें भी अावंटियों को निगम मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा था. इस परेशानी को देखते हुए निगम प्रशासन ने फ्री-होल्ड का प्रस्ताव तैयार किया. इससे निगम को करीब 300 करोड़ रुपये का लाभ होना है. इसके बावजूद निगम प्रशासन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के बदले हाथ पर हाथ रख बैठा है.

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