- एसपी के 10-12 और एडीजी के एक-दो पद बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जायेगा
कौशिक रंजन, पटना : राज्य सरकार सूबे में आइपीएस (इंडियन पुलिस सर्विस) अधिकारियों की अतिरिक्त जरूरत को समझते हुए इनके पदों को बढ़ाने का अनुरोध केंद्र सरकार से करेगी. इससे संबंधित एक अहम प्रस्ताव तैयार करके इसे भेजने की तैयारी में गृह विभाग जुट गया है.नये वर्ष 2020 में बिहार कैडर के आइपीएस अधिकारियों का कैडर रिव्यू होना प्रस्तावित है. इसके मद्देनजर गृह विभाग ने इससे संबंधित कसरत शुरू कर दी है. वर्तमान में बिहार कैडर में आइपीएस के कैडर और नन-कैडर पदों को मिला कर इनकी संख्या 242 है. कैडर रिव्यू होने के बाद इन पदों में पांच से सात प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की संभावना है.
अगर राज्य के इस प्रस्ताव को केंद्रीय कार्मिक विभाग पूरी तरह से मान लेगा, तो इसमें 16 से 17 पदों के बढ़ने की संभावना है. राज्य सरकार एसपी रैंक में 10 से 12 और एडीजी रैंक में एक से दो नये पदों की बढ़ोतरी करने की मांग मुख्य रूप से केंद्र के समक्ष रखेगा. राज्य सरकार सूबे में आइपीएस की कैडर क्षमता को बढ़ाकर 252 से 255 तक करने का प्रस्ताव भेज सकता है.
जानकार बताते हैं, केंद्रीय कार्मिक विभाग और संघ लोक सेवा आयोग के स्तर पर विस्तृत मंथन होने के बाद ही आइपीएस कैडर पोस्ट की सही संख्या फाइनल हो पायेगी. राज्य के प्रस्ताव को केंद्र के स्तर से सभी पहलुओं को परखने के बाद ही इस पर अंतिम रूप से मुहर लगेगी. पिछली बार के कैडर रिव्यू में केंद्र ने महज ढाई-तीन प्रतिशत की ही बढ़ोतरी पदों में की थी.
पिछली बार 2015 में आइपीएस का कैडर रिव्यू होना था, लेकिन यह 2017 में हुआ था. इस आधार पर 2020 में आइपीएस का कैडर रिव्यू होना चाहिए, परंतु 2015 के स्थान पर 2017 में रिव्यू करने के कारण इस बार भी इसमें देरी की आशंका जतायी जा रही है. केंद्र इसे रेगुलाइज करने के लिए 2020 में रिव्यू कर सकता है.
2020 में ये होंगे रिटायर्ड इन्हें मिलेगी प्रोन्नति
2020 में डीजी रैंक के चार अधिकारी रिटायर्ड हो रहे हैं. इनमें दो अधिकारी 1984 बैच के राजेश रंजन और 1986 बैच के अशोक कुमार वर्मा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए रिटायर्ड हो जायेंगे, जबकि 1986 बैच के होमगार्ड डीजी आरके मिश्रा और 1987 बैच के बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के डीजी सुनील कुमार शामिल हैं.
डीजी रैंक में जुलाई 2020 के बाद पद खाली होने पर सबसे सीनियर एडीजी (सीआइडी) विनय कुमार की प्रोन्नति हो सकती है. अगर 1991 बैच के एडीजी आरएस भट्टी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटकर बिहार आ जाते हैं, तो उनकी प्रोन्नति पहले होगी. डीजी रैंक में किसी अधिकारी के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं जाने के कारण यहां इस रैंक के स्वीकृत पद खाली नहीं होंगे.
इसके अलावा नये वर्ष में दो आइजी पंकज कुमार दराद और सुशील मानसिंह खोपड़े के एडीजी रैंक तथा 2006 बैच के पांच एसएसपी रैंक के अधिकारियों गरिमा मलिक, अनुसूयिया रणसिंह साहु, सिद्धार्थ मोहन झा, एस प्रेमलता और सुजीत कुमार को डीआइजी रैंक में प्रोन्नति होनी है. इस बैच के आइपीएस पंकज राज पर विभागीय कार्रवाई चलने के कारण उनकी प्रोन्नति नहीं हो सकेगी.
