पटना : जल्द तैयार होगा साइबर पुलिस का नया कैडर, साइबर डीआइजी का होगा नया पद

कौशिक रंजन पटना : राज्य में साइबर अपराधों पर नकेल कसने, इनकी समुचित मॉनीटरिंग करने के साथ ही इसे लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए एक नया साइबर कैडर तैयार किया जा रहा है. इसके तहत पुलिस महकमे में पहली बार डीआइजी (साइबर) का पद बनाया किया गया है. इसके अलावा इससे संबंधित सभी स्तर […]

कौशिक रंजन
पटना : राज्य में साइबर अपराधों पर नकेल कसने, इनकी समुचित मॉनीटरिंग करने के साथ ही इसे लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए एक नया साइबर कैडर तैयार किया जा रहा है. इसके तहत पुलिस महकमे में पहली बार डीआइजी (साइबर) का पद बनाया किया गया है.
इसके अलावा इससे संबंधित सभी स्तर के करीब 50 नये पद तैयार किये गये हैं. ये सभी पदाधिकारी यानी पूरा कैडर एडीजी (इओयू) के अंतर्गत काम करेंगे. इन्हीं के अंतर्गत राज्य में साइबर सेल का पूरी कार्यप्रणाली काम करती है. इन तमाम पदों पर कैबिनेट के स्तर पर अंतिम मुहर लगने के बाद इन पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी.
पुलिस मुख्यालय ने इस कैडर को तैयार करने से संबंधित प्रारूप तैयार कर दिया है. गृह विभाग में अंतिम स्तर पर समीक्षा होने के बाद इसे कैबिनेट में पेश किया जायेगा. इसके बाद यह नयी व्यवस्था राज्य में बहाल हो जायेगी.
साइबर क्राइम और सोशल मीडिया यूनिट बनाने वाला बिहार पहला राज्य
यह साइबर कैडर पहले से मौजूद साइबर क्राइम और सोशल मीडिया यूनिट के साथ मिलकर काम करेगा. बिहार देश में पहला राज्य है, जहां सभी जिलों में एक या इससे ज्यादा संख्या में साइबर क्राइम और सोशल मीडिया यूनिट का गठन कर दिया गया है. मौजूदा समय में ऐसी यूनिट की संख्या 74 है. प्रत्येक में 10 लोगों की टीम हैं, जिसमें छह पुलिसकर्मी और चार टेक्निकल पदाधिकारी मौजूद हैं.
इस कैडर के लिए डीआइजी से लेकर सिपाही तक के नये पदों का सृजन किया गया है. इसमें डीआइजी के एक पद के अलावा तीन पद एसपी होगा. इसमें एक एसपी (अनुसंधान), एसपी (जागरूकता एवं ट्रेनिंग) और एसपी (पोर्टल एवं समन्वय) का पद होगा. इसके अलावा छह डीएसपी, छह इंस्पेक्टर, छह दारोगा और 30 सिपाही के पद होंगे. इन सभी पदों पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद बहाली की जायेगी. यह पूरा कैडर राज्य की आर्थिक अपराध इकाइ (इओयू) में मौजूद राज्य साइबर सेल या कंट्रोल सेंटर से जुड़कर काम करेगा.
ये होंगे इसके प्रमुख कार्य
मौजूदा समय में राज्य में सभी स्तर के साइबर क्राइम से जुड़े मामले करीब 700 आते हैं. इन मामलों का निबटारा करने या इसमें हर तरह से संबंधित थानों को मदद देने के लिए यह साइबर यूनिट खासतौर से काम करेगी. इसके अलावा पेचिदा या लंबित पड़े मामलों में व्यापक अनुसंधान की जिम्मेदारी भी इस पर होगी. इनके साथ तकनीकी स्तर पर काम को मदद करने और किसी साइबर अपराधी के बारे में जानकारी मिलने पर उसकी तुरंत गिरफ्तारी या छापेमारी करने के लिए पूरी टीम इनकी अपनी होगी.

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