पटना : आइजीआइएमस ने एड्सपीड़ित का इलाज करने से किया इन्कार, पीएमसीएच ले जाने के दौरान मौत

मृतक पटना हाइकोर्ट में आदेशपाल था तथा शास्त्रीनगर में रहता था पटना : सिस्टम की संवेदनहीनता के कारण एक एड्स पीड़ित मरीज की मौत शुक्रवार की शाम हो गयी. मृतक पटना हाइकोर्ट में आदेशपाल था और शहर के शास्त्री नगर का रहने वाला था. परिजनों का आरोप है कि जब वे एड्स पीड़ित को लेकर […]

मृतक पटना हाइकोर्ट में आदेशपाल था तथा शास्त्रीनगर में रहता था
पटना : सिस्टम की संवेदनहीनता के कारण एक एड्स पीड़ित मरीज की मौत शुक्रवार की शाम हो गयी. मृतक पटना हाइकोर्ट में आदेशपाल था और शहर के शास्त्री नगर का रहने वाला था. परिजनों का आरोप है कि जब वे एड्स पीड़ित को लेकर आइजीआइएमएस गये तो वहां डॉक्टरों ने यह जानने के बाद कि वह एड्स पीड़ित है इलाज से इनकार कर दिया. डॉक्टरों ने पीएमसीएच ले जाने को कहा. जहां जाने के क्रम में ही उसकी मृत्यु हो गयी.
परिजनों ने बताया कि 15 दिन पहले आइजीआइएमएस में एड्स की पहचान हुई थी. यहां से डॉक्टरों ने पीएमसीएच के एआरटी सेंटर भेज दिया था. एआरटी सेंटर में हुई जांच के बाद पता चला कि उसे टीबी है. डॉक्टरों ने कहा कि पहले टीबी का इलाज शुरू कर दिया जाये फिर एड्स का होगा. इलाज चल ही रहा था कि शुक्रवार की सुबह 12 बजे मरीज का दम फूलने लगा.
परेशानी बढ़ने पर परिजन उसे शाम करीब 5.15 में आइजीआइएमएस की मेडिसिन इमरजेंसी में लेकर गये. यहां बातचीत के क्रम में डॉक्टरों को जब मालूम चला कि वह एड्स पीड़ित है तो कहा कि इसे लेकर पीएमसीएच चले जाये, वहां ही बेहतर इलाज होगा यहां नहीं. परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके बाद डॉक्टरों से विनती की गयी कि सांस फूल रही है उसका इलाज कर दे लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि अब इसका इलाज पीएमसीएच में ही होगा.
परेशान परिजन उसे लेकर एंबुलेंस से पीएमसीएच के लिए निकले जहां लंबे जाम में फंसने के बाद शाम करीब 7.15 में पहुंचे. जब इमरजेंसी में मेडिसिन के डॉक्टरों ने देखा तो उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई. औपचारिकता पूरा करने में उन्हें देर तक चक्कर लगाना पड़ा. उन्होंने जब डेथ सर्टिफिकेट मांगा तो कहां गया कि बिना भर्ती रहे व पोस्टमार्टम किये इस तरह से आये मरीजोंं का डेथ सर्टिफिकेट नहीं मिलता. अंत में परिजन बिना डेथ सर्टिफिकेट लिए ही शव को लेकर घर को चले गये.आइजीआइएमएस में शुक्रवार को किसी एड्स पीड़ित को लाने की सूचना मुझे नहीं है.
डॉ मनीष मंडल, अधीक्षक, आइजीआइएमएस
किसी भी एचआइवी संक्रमित व्यक्ति के साथ अगर किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय कठिनाई आती है तो इसकी सूचना उसे बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति को देना चाहिए. साथ ही, समिति उस संबंधित व्यक्ति के इलाज सुनिश्चित किये जाने हेतु तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.
मनोज कुमार सिन्हा, बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना

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