दानापुर : प्रखंड की जमसौत पंचायत आसोपुर में खेतों के पटवन के लिए वर्षों पुराने आहर पर दबंगों ने स्थायी व अस्थायी रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है.
आसोपुर से कौनहार घाट तक तीस फुट चौड़ा व करीब तीन हजार लंबे आहर पर दबंगों ने कब्जा कर मिट्टी भर दिया है. जिससे आहर का नामों निशान समाप्त हो गया है. इससे बारिश में आहर से जल निकासी नहीं होने पर खेतों में लगी फसल डूब रही है. किसानों ने बताया कि आहर से वर्षों पूर्व खेतों में पटवन किया जाता था. आहर से खेतों में सिंचाई का मुख्य साधन था. परंतु दबंगों ने आहर को अतिक्रमण कर स्थायी-अस्थायी रूप से कब्जा कर मिट्टी भर दिया गया है.
साथ ही आहर को मिट्टी भरा कर आम रास्ता बना दिया गया है. कई जगहों पर आहर पर अतिक्रमण कर पक्का मकान बना लिया गया है. जिससे आहर का अस्तित्व समाप्त हो गया है. किसानों ने बताया कि पूरे प्रखंड में आहर पर अतिक्रमण कर स्थायी-अस्थायी रूप से कब्जा कर लिया गया है. आहर से अब जल निकासी अवरुद्ध हो गयी है. मालूम हो कि शिवाला मोड़ से उसरी-शिकारपुर, आसोपुर, मठियापुर, ताराचक, मुबारकपुर, आनंद बाजार, हाथी खाना मोड़, नया टोला, गोला रोड होते हुए नहर में आहर का पानी गिरता था. किसानों ने बताया कि आहर करीब तीस फुट चौड़ा था.
परंतु अब आहर को अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया गया है. इससे अब आहर से खेतों में सिंचाई नहीं होता है. अब निजी बोरिंग व पंपिंग सेट मोटर पंप से किसानों खेतीबारी कर रहे हैं. जमसौत पंचायत के मुखिया राजेंद्र बेलदार ने बताया कि आहर पर अतिक्रमण किये जाने के कारण खेत में लगी धान की फसल बर्बाद हो रही है.
