पटना : साइंस टीचर पर लगे तमाम आरोपों को बीडी पब्लिक स्कूल प्रशासन ने एक सिरे से खारिज कर दिया है. सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में स्कूल प्राचार्या डा मीरा कुमारी ने कहा कि साइंस टीचर स्कूल में कई वर्षों से काम कर रही है. उनके संबंध में पूर्व में कभी भी कोई शिकायत नहीं मिली है. इस तरह का आरोप लगना आश्चर्यजनक है.
सारा आरोप निराधार है. छात्र 22 अक्तूबर के बाद स्कूल आया ही नहीं है, जबकि मेडिकल रिपोर्ट 23 अक्तूबर की है. मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार बच्चे के पीछ पर हल्की चोटें हैं. छात्र को 22 अक्तूबर के बाद किसने पीटा, यह जांच का विषय है.
उन्होंने कहा कि शिक्षिका ने 22 अक्तूबर को बच्चे की डायरी में यह अंकित किया था कि आपके बच्चे को अनुशासनहीनता के कारण वर्ग से वंचित कर दिया गया है. इसके साथ ही अभिभावक को मिलने के लिए बुलाया गया था. इस बात की पुष्टि बच्चे की डायरी से हो सकती है.
पूरे मामले की विद्यालय स्तर पर जांच करायी गयी है. इसमें यह तथ्य सामने आया है कि महिला द्वारा अपने बच्चे का विद्यालय शुल्क एक लंबे अरसे से जमा नहीं किया गया है. फीस की माफी को लेकर बहुत दिनों तक महिला ने दबाव बनाये रखा था. लेकिन मकसद पूरा नहीं होने पर विद्यालय को क्षति पहुंचाने की नीयत से शिकायत की यह कहानी रची गयी है.
