ज्ञान भवन में होनेवाले मुख्य समारोह का उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
लीक से हट कर काम करने वाले को 2.5 लाख इनाम
पटना : भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती 11 नवंबर प्रदेश में इस बार शिक्षा दिवस के रूप में मनायी जायेगी. ज्ञान भवन में आयोजित किये जाने वाले मुख्य समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे.
इस दौरान जाने-माने शिक्षाविद, प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में लीक से हटकर काम करने वाले व्यक्ति को ढाई लाख रुपये का शिक्षा पुरस्कार दिया जायेगा. इस संदर्भ में गठित तीन सदस्यीय कमेटी पुरस्कार के लिए योग्य शिक्षाविद व प्रयोगधर्मी का चयन करेगी. पुरस्कार के लिए पात्र व्यक्ति के नाम की घोषणा एक-दो दिन में कर दी जायेगी. हालांकि इस संबंध में होने वाली बैठक गुरुवार को नहीं हो सकी.
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक शिक्षा पुरस्कार के लिए इस साल शिक्षा विभाग के अधिकारी या कर्मचारी पात्र नहीं होंगे. हालांकि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रयोग करने वाले प्रशासनिक अफसरों को भी चुना जा सकता है. इसमें बिहार उन्नयन योजना(बांका योजना) के सूत्रधार शिक्षा पुरस्कार की रेस में सबसे आगे हैं.
सभी अधिकारियों को अपनी जवाबदेही समय पर पूरी करने का निर्देश
हालांकि गुरुवार को शिक्षा दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियों के लिए सचिवालय स्थित सभागार में एक अहम बैठक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन की अध्यक्षता में हुई. इसमें शिक्षा विभाग के सभी निदेशक एवं बिहार शिक्षा परियोजना के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को अपनी जवाबदेही समय पर पूरा करने के निर्देश दिये.
समारोह में देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालने के लिए जाने- माने शिक्षाविदों को आमंत्रित किया गया है. उल्लेखनीय है कि शिक्षा दिवस समारोह अनौपचारिक तौर पर दस नवंबर से ही प्रारंभ हो जायेगा. इस दिन विज्ञान प्रदर्शनी लगायी जायेगी. 11 नवंबर को मुख्य समारोह आयोजित किया जायेगा. 12 नवंबर को प्रदेश के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा समारोह का समापन करेंगे.
जन शिक्षा निदेशक कुमार रामानुज ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये है कि शिक्षा दिवस गरिमामय तरीके से मनाया जाये. उन्होंने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों से कहा है कि सभी विद्यालयों में सुबह प्रभात फेरी निकलवाना सुनिश्चित करें. विद्यालयों में भारत रत्न मौलाना के चित्र पर माल्यार्पण कराया जाये. विद्यार्थियों को मौलाना के जीवन के विभिन्न पहलुओं के बार में बताया जाये, ताकि बच्चे उनके जीवन से सीख ले सकें.
