फॉगिंग में कोताही से पैर पसार रहा डेंगू

सिर्फ पीएमसीएच में अब तक मिल चुके हैं 2209 डेंगू मरीज पटना : राजधानी पटना में डेंगू मच्छर का प्रकोप थम नहीं रहा है. इससे रोजाना नगर निगम क्षेत्र में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है. लेकिन, प्रभावित इलाकों में नियमित दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है. इतना ही नहीं, वार्ड स्तर पर […]

सिर्फ पीएमसीएच में अब तक मिल चुके हैं 2209 डेंगू मरीज
पटना : राजधानी पटना में डेंगू मच्छर का प्रकोप थम नहीं रहा है. इससे रोजाना नगर निगम क्षेत्र में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है. लेकिन, प्रभावित इलाकों में नियमित दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है. इतना ही नहीं, वार्ड स्तर पर नियमित फॉगिंग भी नहीं करायी जा रही है. बुधवार को सिर्फ पीएमसीएच में 156 मरीजों के डेंगू जांच के लिए सैंपल लिया गया. इसमें 63 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव मिला, जिसमें पटना के 60 शामिल हैं. अब तक पीएमसीएच में 2209 डेंगू मरीज मिल चुके हैं. वहीं, नालंदा, गया व भोजपुर के एक-एक मरीज शामिल हैं.
नगर निगम में वार्डों की संख्या 75 है. इन वार्डों में नियमित फॉगिंग व एंटी लारवा के छिड़काव कराना है. इसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी नगर स्वास्थ्य पदाधिकारी की है. लेकिन, स्वास्थ्य पदाधिकारी अंचलों में निरीक्षणकरने के बदले मुख्यालय में बैठे रहते हैं. इससे अंचलों में धड़ल्ले सेबेतरतीब तरीके फॉगिंग करायी जा रही है, जिसका असर मच्छरों पर नहीं हो रहा है.प्रभावित इलाके में भी रोटेशन पर फॉगिंग : नगर निगम के सभी अंचलों में डेंगू मच्छर का प्रकोप है. इसमें सैकड़ों की संख्या में मुहल्ले प्रभावित है, जहां रोजाना डेंगू मरीज मिल रहे हैं. लेकिन, इन प्रभावित इलाकों में भी रोटेशन पर फॉगिंग करायी जा रही है. स्थित यह है कि एक मुहल्ले में तीन-चार दिनों के अंतराल पर फॉगिंग करायी जा रही है. वहीं, जलजमाव वाले जगहों पर एंटी लारवा का भी छिड़काव नहीं किया जा रहा है.
जांच में मिले डेंगू के 27 नये मरीज, 20 भर्ती
पटना सिटी. एनएमसीएच में डेंगू की हुई जांच में 27 और नये मरीज मिले हैं. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ हीरालाल महतो ने बताया कि 68 मरीजों की जांच की गयी थी, जिसमें 27 में डेंगू की पुष्टि हुई है. चिकनगुनिया के 15 मरीजों की जांच हुई, किसी में बीमारी नहीं मिली.
25 को सेन डायग्नोस्टिक में डेंगू की फ्री होगी जांच
पटना़ आद्री व एबाट डायग्नोस्टिक की ओर से 25 अक्तूबर यानी शुक्रवार को डेंगू की फ्री जांच की जायेगी. स्थानीय सेन डायग्नोस्टिक में सुबह आठ से दिन के 11 बजे तक नि:शुल्क डेंगू स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया है. सेन डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिमेट के एमडी संदीप सेन ने इसकी जानकारी दी.
समीक्षा बैठक की तैयारी में जुटे रहे मेयर और आयुक्त
पटना. पिछले दिनों राजधानी में भयंकर जलजमाव की समस्या बनी थी. इस समस्या की स्थायी निदान को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों की बैठक निर्धारित की गयी है. इस बैठक में मेयर सीता साहू व नगर आयुक्त अमित कुमार पांडेय भी शामिल होंगे.
नि:शुल्क जांच शिविर में सात मिले डेंगू पॉजिटिव
पटना. राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की ओर से निशुल्क डेंगू जांच शिविर का आयोजन किया गया. जांच शिविर में आये 33 रोगियों में 7 डेंगू पॉजिटिव पाये गये. शिविर में आये सभी रोगियों को अस्पताल प्रशासन की ओर से निशुल्क दवाईयां दी गयी. इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज की ओर इस प्रकार के अन्य जांच शिविर लगाये जाने का भी प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि रोगियों को डेंगू से बचाव एवं घरेलू इलाज की भी जानकारी दी की जा रही है. शिविर में मरीजों की जांच और उपचार के लिए कॉलेज के डॉ बसंत कुमार ठाकुर, डॉ गणेश प्रसाद गुप्ता, डॉ आलोक रंजन, डॉ दीनबंधु कनौजिया, डॉ अनिस कुमार और डॉ हैदर अली मौजूद रहे.
पटना : कभी सिस्टमेटिक समस्या को रियलाइज ही नहीं किया गया
पटना : बारिश के दौरान पटना में हुए जलजमाव की सुनवाई करने पहुंची विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय टीम ने लोगों से फीडबैक लिया, तो राजेंद्र नगर में जलजमाव की बजबजाती तस्वीर उभर कर सामने आ गयी.
लोगों ने बताया कि इस इलाके के चैंबर व मैनहोल के निशान ही मिट चुके हैं. जब पानी की निकासी की जा रही थी, तो वह फिर से मुड़कर नंदनगर मुहल्ले में वापस लौटने लगी. लोगों के साथ सुनवाई के दौरान विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह की टिप्पणी थी कि लगता है कि कभी सिस्टमेटिक समस्या को रियलाइज ही नहीं किया गया. जलनिकासी के लिए कभी इस तरह की समस्या को लोगों ने गंभीरता से समझा ही नहीं. टीम छठपूजा के बाद भी जांच और सुनवाई जारी रखेगी. एक महीने में टीम सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी.
लूप नाले को मुख्य नाले से नहीं जोड़ा : वार्ड पार्षद चंद्रवंशी ने बताया कि पिछले 30-40 वर्षों से राजेंद्र नगर के अंडरग्राउंड नाले की सफाई ही नहीं हुई है. सुनवाई के दौरान टीम के सदस्य पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने जब राजेंद्र नगर के नालों के नक्शे को देखा, तो कहा कि लूप नाला ही गलत बनाया गया है. लूप नाले को मुख्य नाले से जोड़ा ही नहीं गया है.

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