पटना : सरकारी कार्यालयों के भ्रष्टाचार पर निगाह रखने के लिए विजिलेंस डिपार्टमेंट वालंटियर तैयार कर रहा है. करप्शन के खिलाफ सरकार की इस लड़ाई में शिक्षकों से लेकर जनसेवक तक को जोड़ा जा रहा है. विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दिशा निर्देश जारी किये […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना : सरकारी कार्यालयों के भ्रष्टाचार पर निगाह रखने के लिए विजिलेंस डिपार्टमेंट वालंटियर तैयार कर रहा है. करप्शन के खिलाफ सरकार की इस लड़ाई में शिक्षकों से लेकर जनसेवक तक को जोड़ा जा रहा है. विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दिशा निर्देश जारी किये हैं. सरकार ने पूर्व में सभी विभागों के प्रधान सचिवों, प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला पदाधिकारियों के साथ भ्रष्टाचार के मामलों की समीक्षा की थी.
इसमें विभागीय एवं जिला स्तर पर गठित निगरानी कोषांगों को सशक्त और प्रभावी बनाने के आदेश दिये गये थे. वालंटियर की जिम्मेदारी होगी कि वह सरकार के सर्विस डिलेवरी के प्वाइंट जैसे अस्पताल, ब्लाॅक, तहसील, परिवहन कार्यालय,भूमि एवं राजस्व संबंधी मामलों को देखने वाले विभाग, कृषि से जुड़े विभाग आदि पर निगाह रखें.
भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों-दलालों की जानकारी विजिलेंस अधिकारी को दें. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी विभागों में विभागीय मुख्य निगरानी पदाधिकारी नियुक्त कर दिये गये. पर्याप्त स्टॉफ, उपकरण, टेलीफोन, कंप्यूटर आदि संसाधन अलग से उपलब्ध कराये गये हैं. जिलों में भी अलग कोषांग गठित कर संसाधन उपलब्ध कराने का काम चल रहा है.
हर माह 10 तारीख तक देनी है रिपोर्ट
जिला स्तर पर गठित विजिलेंस कोषांग और उससे जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिये जा चुके हैं. डीएम काे प्रत्येक सात दिन पर इसकी समीक्षा करनी है. प्रमंडलीय बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त इसकी समीक्षा करेंगे. हर माह दस तारीख तक निगरानी को रिपोर्ट उपलब्ध करायेंगे.